पटना हाईकोर्ट को मिलेगी नई दिशा: न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय की नियुक्ति अनुशंसा पर अधिवक्ताओं ने जताया हर्ष

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति (युवा प्रकोष्ठ) ने माननीय उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम द्वारा न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय को पटना उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कॉलेजियम को बधाई एवं साधुवाद ज्ञापित किया है।

समिति के राष्ट्रीय महामंत्री सुशील कुमार चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कॉलेजियम का यह निर्णय न्यायिक पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति राय का लगभग 35 वर्षों का बेदाग न्यायिक अनुभव, ईमानदारी तथा महिला एवं बाल संरक्षण के प्रति उनकी संवेदनशीलता अधिवक्ता समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

समिति ने कहा कि सिक्किम जैसे छोटे राज्य से निकलकर देश के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित उच्च न्यायालयों में शामिल पटना हाईकोर्ट का नेतृत्व संभालना महिला न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं के लिए गौरव की बात है। युवा अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में बिहार में लंबित आपराधिक एवं दीवानी मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी तथा न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और मजबूती देखने को मिलेगी।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि न्यायमूर्ति राय की सख्त एवं ईमानदार कार्यशैली से न्यायालय की गरिमा और बढ़ेगी। साथ ही नवोदित अधिवक्ताओं को बहस और मार्गदर्शन का बेहतर अवसर मिलेगा। महिला सुरक्षा एवं पॉक्सो मामलों में उनके पूर्व के ऐतिहासिक निर्णयों को देखते हुए पीड़िताओं को त्वरित न्याय मिलने की उम्मीद जताई गई है।

अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति (युवा प्रकोष्ठ) ने भारत सरकार एवं महामहिम राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि कॉलेजियम की अनुशंसा पर शीघ्र वारंट जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि पटना उच्च न्यायालय को स्थायी मुख्य न्यायाधीश का नेतृत्व मिल सके।