बेरोजगारी, अग्निवीर और निजीकरण के खिलाफ आंदोलन तेज करेगा डीवाईएफआई,

दरभंगा में जनवादी नौजवान सभा का जिला स्तरीय कन्वेंशन संपन्न, 25 जून को समाहरणालय मार्च का ऐलान

दस्तक 7 मीडिया /

भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) की दरभंगा जिला कमेटी का जिला स्तरीय सांगठनिक कन्वेंशन शनिवार को लहेरियासराय स्थित विजयकांत ठाकुर स्मृति भवन, गुदरी बाजार में आयोजित हुआ। कन्वेंशन की अध्यक्षता डॉ. ज्योति सागर, मनोज पासवान और हीरा मंडल ने संयुक्त रूप से की। कार्यक्रम में जिले भर से आए प्रतिनिधियों ने बेरोजगारी, शिक्षा, निजीकरण और अग्निवीर योजना जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।

कन्वेंशन का उद्घाटन करते हुए डीवाईएफआई के राज्य अध्यक्ष मनोज चंद्रवंशी ने कहा कि रोजगार युवाओं का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन आज लाखों सरकारी पद रिक्त होने के बावजूद बहाली नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे, बैंक और बीमा समेत सार्वजनिक क्षेत्रों का तेजी से निजीकरण किया जा रहा है तथा अग्निवीर योजना के जरिए सेना में भी ठेका व्यवस्था लागू की जा रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों की पहुंच उच्च शिक्षा तक कठिन होती जा रही है। नई शिक्षा नीति को उन्होंने रोजगारविहीन और महंगी शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने वाला बताया। बिहार में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य लगातार असुरक्षित होता जा रहा है।

राज्य अध्यक्ष ने कहा कि बेरोजगारी, पलायन, नशाखोरी और आत्महत्या जैसी समस्याएं युवाओं के सामने गंभीर चुनौती बन चुकी हैं। ऐसे हालात में डीवाईएफआई रोजगार, शिक्षा और सामाजिक अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।

कन्वेंशन में राजनीतिक-सांगठनिक रिपोर्ट मनोज यादव ने प्रस्तुत की, जिस पर प्रतिनिधियों ने चर्चा की। इसके बाद 15 सदस्यीय नई जिला कमेटी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से हीरा मंडल को अध्यक्ष, डॉ. ज्योति सागर एवं मोहम्मद इम्तियाज अहमद को उपाध्यक्ष, मनोज यादव को सचिव, रोहित सिंह एवं रामकरण राम को संयुक्त सचिव तथा मनोज पासवान को कोषाध्यक्ष चुना गया।

सभा को संबोधित करते हुए शिक्षक नेता सोनू जायसवाल ने कहा कि यह कन्वेंशन आने वाले बड़े संघर्षों की तैयारी है। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में शिक्षक, अस्पतालों में डॉक्टर और उद्योगों में स्थायी रोजगार की भारी कमी है, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डीवाईएफआई का नया नेतृत्व गांव-गांव जाकर युवाओं को संगठित करेगा।

कन्वेंशन में अधिवक्ता हरिशंकर राम, नीतीश कुमार, अनीश कुमार, मिथिलेश राम, मुस्तकीम, यासमीन परवीन और सना परवीन समेत कई नेताओं ने भी अपने विचार रखे।

बैठक में प्रस्ताव पारित कर 25 जून को दरभंगा समाहरणालय पर छात्र-नौजवानों के विशाल प्रदर्शन का निर्णय लिया गया।