आदेश हवा-हवाई,दरभंगा में ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ बनाकर स्कूल से गायब रहे शिक्षक, एसीएस के निर्देशों की उड़ी धज्जियां

दस्तक 7 मिडिया,बिरौल, दरभंगा। 

बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के सख्त आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए दरभंगा जिले में शिक्षकों की भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को विद्यालय में शिक्षण कार्य समाप्त करने के बाद ही जनगणना का काम करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था। लेकिन, जिले के कई प्रखंडों में इन आदेशों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव के आदेश के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, दरभंगा ने एक पत्र जारी कर साफ किया था कि जनगणना कार्य (प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में) के लिए लगाए गए शिक्षक पहले विद्यालय आकर बच्चों को पढ़ाएंगे। शिक्षण अवधि समाप्त होने के बाद ही वे जनगणना के कार्य में संलिप्त होंगे। इसका उद्देश्य यह था कि प्रशासनिक कार्य के चक्कर में स्कूली बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो। जिला शिक्षा पदाधिकारी के सख्त निर्देशों के बावजूद शनिवार को जिले के कई स्कूलों में नजारा बिल्कुल उलट दिखा। बिरौल और गौड़ा बौराम प्रखंड के कई विद्यालयों में शिक्षकों ने अपनी मनमानी की सारी हदें पार कर दीं। प्राथमिक विद्यालय, करकौली सहित दर्जनों स्कूलों के शिक्षक शनिवार को विद्यालय पहुंचे तो सही, लेकिन उन्होंने केवल मार्क ऑन ड्यूटी’ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और तुरंत विद्यालय से नदारद हो गए।

 शिक्षकों के इस तरह गायब होने से स्कूल में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह ठप रहा। बच्चे शिक्षकों का इंतजार करते रहे, जबकि शिक्षक ऑन-ड्यूटी का फायदा उठाकर गायब दिखे। इस दौरान क्षेत्र के दर्जनों अभिभावकों ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट थी कि पढ़ाई और जनगणना दोनों साथ चलें, लेकिन शिक्षकों ने केवल अपने आराम को तरजीह दी। इधर कई शिक्षकों ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय से इस तरह का गाइडलाइन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को प्राप्त नहीं हुआ है।

अब देखना यह है कि इस गंभीर लापरवाही और आदेशों की अवहेलना की खबर सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी दरभंगा और शिक्षा विभाग इन दोषी शिक्षकों तथा संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों पर क्या दंडात्मक कार्रवाई करते हैं।