होली के दिन मासूम भतीजी की हत्या में चाचा को उम्रकैद
होली के दिन मासूम भतीजी की हत्या में चाचा को उम्रकैद
होली के दिन मासूम भतीजी की हत्या में चाचा को उम्रकैद
दरभंगा/विधि संवाददाता,
दरभंगा न्याय मंडल के सिविल कोर्ट दरभंगा के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने होली के दिन एक छह साल की मासूम बच्ची की हत्या की जूर्म में बहादुरपुर( पतोर ओपी ) क्षेत्र के कोकट गांव के ढोढाई पासवान का पुत्र भोला पासवान को आजीवन सश्रम कारावास और पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।अर्थदंड नहीं जमा करने पर जूर्मी को छः माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी अभियुक्त का सजा अवधि निर्धारण के बिन्दु पर अभियोजन पक्ष से पीपी अमरेंद्र नारायण झा के निर्देशन में एपीपी चंपा मुखर्जी का वहश और वचाव पक्ष के अधिवक्ता का वहश सुनने तथा अभिलेख पर मौजूद साक्ष्यों का गहन परिशीलन के बाद हत्यारे चाचा को अपनी मासूम भतीजी का खून करने के जुर्म में सजा सुनाई है।कोर्ट ने बहादुरपुर( पतोर ओपी) थाना कांड संख्या 106/22 से बने सत्र वाद संख्या 165/23 का विचारण पुरा कर गत 12 मई को अभियुक्त भोला पासवान को मानव वध की धारा 302 भादवि में दोषी घोषित किया था। घटना के संबंध में पीपी अमरेन्द्र नारायण झा ने बताया कि 18 मार्च 2022 को होली के दिन पतोर ओपी क्षेत्र के कोकट गाँव में संगम लाल पासवान का सहोदर भाई भोला पासवान अपने हाथ में लकड़ी का चैला लेकर अपने भाई के घर पर आकर गाली -गलौज हल्ला-गुल्ला कर रहा था। जब उसकी माँ कमली देवी ने मना किया तो चैला से सिर पर प्रहार कर पहले मां का सिर फोर दिया। इसी दौरान उसकी छह साल की मासूम भतीजी अन्नू कुमारी हाथों में अबीर लिए आई जिसके सिर पर भोला ने लकड़ी के चैला से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इस घटना की प्राथमिकी संगम लाल पासवान ने बहादुरपुर( पतोरओपी) में कांड संख्या 106/22 अन्दर दफा 341,323 307,302,504 , 506 भादवि में दर्ज कराया। सत्रवाद के विचारण मे एपीपी चम्पा मुखर्जी ने आईओ, डाक्टर समेत कुल 5 गवाहों की गवाही कराई और अन्ततः अभियोजन पक्ष अभियुक्त का जूर्म साबित करने में सफल रहा। एपीपी मुखर्जी ने बताया कि हत्यारा भोला पासवान चार साल एक महिने से काराधीन है।
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