बिरौल उप प्रमुख की कुर्सी पर संकट, पंचायत समिति सदस्यों ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव

दस्तक 7 मिडिया बिरौल, दरभंगा। 

बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 की धारा 44 (3) के तहत बिरौल प्रखंड के उप प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर प्रखंड की राजनीति में हलचल तेज कर दी गई है। पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्यों ने उप प्रमुख की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक दर्जन से अधिक सदस्यों ने प्रखंड प्रमुख मुखी देवी को एक लिखित आवेदन सौंपा है। अविश्वास प्रस्ताव के लिए सौंपे गए पत्र में सदस्यों ने मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर अपनी आपत्ति जताई है। सदस्यों का आरोप है कि पंचायत समिति की बैठकों में जो प्रस्ताव पारित किए जाते हैं, उन्हें कार्यालय के माध्यम से लागू करने के बजाय उप प्रमुख निजी हितों और मेल-मिलाप के आधार पर फाइलों को रद्दी की टोकरी में डाल देते हैं।

पत्र में कहा गया है कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न मदों से कितनी राशि प्राप्त हुई, इसकी जानकारी पंचायत समिति को नहीं दी गई। सदस्यों ने आरोप लगाया कि उप प्रमुख अपने चहेते लोगों के बीच बंदरबांट कर रहे हैं, जबकि उस राशि पर सभी समितियों का समान अधिकार है। सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि छठे वित्त आयोग से प्राप्त राशि का पिछले दो वर्षों का कोई लेखा-जोखा सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही यह बताया गया है कि पैसा किस मद में खर्च हुआ है। इस कदम ने बिरौल प्रखंड की स्थानीय राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है और अब सबकी नजरें प्रखंड प्रमुख द्वारा बुलाई जाने वाली बैठक पर टिकी हैं।