जीवित महिला को मृत बताने के मामले में ताजपुर थानाध्यक्ष निलंबित, हाईकोर्ट में कल यानी मंगलवार को होगी सुनवाई
जीवित महिला को मृत बताने के मामले में ताजपुर थानाध्यक्ष निलंबित, हाईकोर्ट में कल यानी मंगलवार को होगी सुनवाई
जीवित महिला को मृत बताने के मामले में ताजपुर थानाध्यक्ष निलंबित, हाईकोर्ट में कल यानी मंगलवार को होगी सुनवाई
दस्तक 7 मीडिया /संजय कुमार राय
समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना से जुड़ा चर्चित मामला अब प्रशासनिक और न्यायिक दोनों स्तरों पर गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने ताजपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है लेकिन जिलादेश को सार्वजनिक नहीं किया हे, अब पूरे पुलिस महकमे में चर्चा हे कि ताजपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने निलंबित कर दिया हे ।साथ ही नए थानाध्यक्ष की पदस्थापना तक अपर थानाध्यक्ष को थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस मामले में रविवार को दस्तक 7 मीडिया ने प्रमुखता से खबर छापी थी , जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई थी ।
बताया जा रहा है कि ताजपुर थाना के एक मामले में जीवित महिला को मृत दर्शाते हुए उच्च न्यायालय में प्रतिवेदन दाखिल किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। मामले को लेकर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है और संबंधित प्रतिवेदन पर सवाल उठाते हुए एसपी एवं तत्कालीन थानाध्यक्ष से जवाब तलब किया है। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को पूर्वाह्न 10:30 बजे आभासी माध्यम से होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, रविवार को एसपी द्वारा आयोजित मासिक क्राइम मीटिंग में भी यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय रहा। पुलिस अधिकारियों के बीच यह सवाल उठता रहा कि आखिर इतनी गंभीर त्रुटि किस परिस्थिति में हुई और बिना पर्याप्त सत्यापन के न्यायालय में रिपोर्ट कैसे प्रस्तुत कर दी गई।
उच्च न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यह भी संकेत दिया है कि यदि गलत प्रतिवेदन देकर न्यायालय को गुमराह करने का प्रथम दृष्टया मामला बनता है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध न्यायालय अवमानना अधिनियम के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।
इधर, एसपी द्वारा की गई निलंबन की कार्रवाई को विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस मामले में अगर एसपी द्वारा ताजपुर थानाध्यक्ष पर विभागीय कार्यवाही नहीं की जाती हे तो निश्चित रूप से कही ना कही सवाल उठना लाजिमी हे ?पूरे समस्तीपुर पुलिस महकमे की नजर अब उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई और आगे आने वाले निर्णय पर टिकी हुई है।