अगर – मगर – डगर पर चल रहा हे समस्तीपुर जिला का ताजपुर थाना , थानाध्यक्ष की लापरवाही ने एसपी की कर दी किरकिरी ,जिंदा महिला को बना दिया मृत” : ताजपुर थाना की रिपोर्ट से हाईकोर्ट सख्त, एसपी और थानाध्यक्ष से मांगा जवाब
अगर – मगर – डगर पर चल रहा हे समस्तीपुर जिला का ताजपुर थाना , थानाध्यक्ष की लापरवाही ने एसपी की कर दी किरकिरी ,जिंदा महिला को बना दिया मृत” : ताजपुर थाना की रिपोर्ट से हाईकोर्ट सख्त, एसपी और थानाध्यक्ष से मांगा जवाब
अगर – मगर – डगर पर चल रहा हे समस्तीपुर जिला का ताजपुर थाना , थानाध्यक्ष की लापरवाही ने एसपी की कर दी किरकिरी ,जिंदा महिला को बना दिया मृत” : ताजपुर थाना की रिपोर्ट से हाईकोर्ट सख्त, एसपी और थानाध्यक्ष से मांगा जवाब
दस्तक 7 मीडिया /संजय कुमार राय
समस्तीपुर जिले का ताजपुर थाना एक बार फिर विवादों और सुर्खियों के केंद्र में आ गया है। कुछ महीनों पहले तत्कालीन थानाध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर जिला पुलिस की जमकर किरकिरी हुई थी। उस मामले में हालात इतने बिगड़े कि समस्तीपुर एसपी को कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित करना पड़ा था। अब एक बार फिर ताजपुर थाना की बड़ी लापरवाही ने पूरे पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है और इस बार मामला सीधे पटना हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।
सूत्र बताते हैं कि वर्तमान थानाध्यक्ष इससे पहले कल्याणपुर थाना में पदस्थापित थे, जहां किसी मामले को लेकर एसपी ने उन्हें वहां से हटा दिया था। चर्चित घटनाक्रम के बाबजूद भी उन्हें ताजपुर थाना की जिम्मेदारी सौंप दी गई। चर्चा यह भी है कि इन पर दूसरे जिले में विभागीय कार्रवाई चल रही थी
यहां सवाल यह उठता हे कि जब इनपर कोई कार्रवाई चल रही थी तो आखिरकार थानाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर इन्हें कैसे आसीन किया गया ? अगर सूत्रों का आरोप सही हे तो इस मामले में जांच आवश्यक हे ?अब इनकी कथित लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर समस्तीपुर पुलिस कप्तान को भुगतना पड़ रहा है।
मामला पटना उच्च न्यायालय में लंबित आपराधिक अपील (डी.बी.) संख्या-377/2015 से जुड़ा है, जिसमें ताजपुर थाना कांड संख्या-148/2011 के संबंध में सुनवाई चल रही थी। इस मामले में अपीलकर्ता सकली देवी को पुलिस रिपोर्ट के आधार पर मृत घोषित कर दिया गया। समस्तीपुर एसपी के पत्र संख्या-155 दिनांक 11 फरवरी 2026 तथा ताजपुर थाना प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने 13 मार्च 2026 को अपील समाप्त मानते हुए निष्पादित कर दी थी।
लेकिन मामला तब पलट गया जब स्वयं सकली देवी ने हाईकोर्ट में आवेदन दाखिल कर कहा कि वह जीवित हैं, स्वस्थ हैं और न्यायालय में दायर आवेदन की शपथकर्ता भी वही हैं। उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक तथा पंचायत से जारी जीवित प्रमाण पत्र भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। आवेदन में आरोप लगाया गया कि ताजपुर थाना प्रभारी ने बिना किसी दस्तावेजी साक्ष्य और बिना वास्तविक सत्यापन के अपने कार्यालय में बैठकर गलत रिपोर्ट तैयार कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने समस्तीपुर एसपी अरविंद प्रताप सिंह और ताजपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को आभासी माध्यम से उपस्थित कराया। दोनों अधिकारियों ने न्यायालय को बताया कि किसी सकली देवी की मृत्यु की सूचना मिलने पर रिपोर्ट भेजी गई थी, लेकिन बाद में पता चला कि अपीलकर्ता जीवित हैं।