प्रखंड प्रमुख की कुर्सी पर संकट, 11 मई को अविश्वास प्रस्ताव पर होगा शक्ति परीक्षण
प्रखंड प्रमुख की कुर्सी पर संकट, 11 मई को अविश्वास प्रस्ताव पर होगा शक्ति परीक्षण
प्रखंड प्रमुख की कुर्सी पर संकट, 11 मई को अविश्वास प्रस्ताव पर होगा शक्ति परीक्षण
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रखंड प्रमुख मुखी देवी के खिलाफ पंचायत समिति सदस्यों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग के लिए 11 मई की तारीख मुकर्रर की गई है। इस बैठक में तय होगा कि प्रमुख अपनी कुर्सी बचा पाएंगी या उन्हें पद से इस्तीफा देना होगा।
करीब एक दर्जन पंचायत समिति सदस्यों ने प्रमुख के कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मोर्चा खोल दिया है। सदस्यों द्वारा दी गई लिखित शिकायत में प्रमुख पर निम्नलिखित मुख्य आरोप लगाए गए हैं।
समिति सदस्यों का दावा है कि प्रमुख अपनी मनमानी करती हैं और अन्य निर्वाचित सदस्यों के सुझावों को नजरअंदाज किया जाता है। सरकारी योजनाओं के चयन और उनके क्रियान्वयन में भारी अनियमितता और अपारदर्शिता के आरोप लगे हैं।
सदस्यों के अनुसार, नियमानुसार बैठकें नहीं बुलाई जातीं, जिससे क्षेत्र की जनसमस्याओं पर चर्चा बाधित होती है। प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार झा ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मत विभाजन के लिए 11 मई की तिथि निर्धारित की गई है। बैठक में सभी निर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है। यदि प्रमुख बहुमत साबित करने में विफल रहती हैं, तो उन्हें नियमानुसार पद त्यागना होगा। अविश्वास प्रस्ताव की तारीख नजदीक आते ही प्रखंड की राजनीति का पारा चढ़ गया है। सत्ता और विपक्ष, दोनों खेमे अपने-अपने समर्थकों को एकजुट करने और आंकड़ों का गणित बिठाने में जुट गए हैं। जहां एक ओर असंतुष्ट गुट बहुमत का दावा कर रहा है, वहीं प्रमुख खेमा अपनी कुर्सी बचाने के लिए रणनीतियां बना रहा है। 11 मई को होने वाली इस विशेष बैठक पर पूरे प्रखंड की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसका परिणाम बिरौल की स्थानीय राजनीति और भविष्य के विकास कार्यों की दिशा तय करेगा।