बिहार पुलिस की नई पहल, अब सप्ताह में दो दिन अनिवार्य रूप से थाने में मिलेंगे एसएचओ, जनसुनवाई पर जोर

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा। 

आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, अब राज्य के सभी थानाध्यक्षों को सप्ताह में दो दिन अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर आम लोगों की शिकायतें सुननी होगी।

मुख्यालय द्वारा जारी नए फरमान के तहत, सप्ताह के प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र के बाहरी कार्यों या फील्ड विजिट को छोड़कर थाने में ही मौजूद रहेंगे। इस निर्धारित समय का मुख्य उद्देश्य उन आगंतुकों और फरियादियों को राहत देना है, जिन्हें अक्सर थानाध्यक्ष की अनुपस्थिति के कारण अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था या बार-बार थाने के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस आदेश को धरातल पर उतारने के लिए स्थानीय स्तर पर भी कसरत तेज हो गई है। बिरौल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रभाकर तिवारी और अंचल पुलिस निरीक्षक महफूज आलम ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के सभी थानाध्यक्षों को इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अधिकारियों ने कहा है कि इन दो दिनों में थानाध्यक्ष किसी भी बाहरी सरकारी कार्य में व्यस्तता का बहाना नहीं बनाएंगे।कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा। मौके पर ही समस्याओं के निपटारे का प्रयास किया जाएगा ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हो सके।

अक्सर देखा जाता है कि थानाध्यक्षों के वीआईपी ड्यूटी, छापेमारी या अन्य फील्ड वर्क में व्यस्त रहने के कारण दूर-दराज से आए लोग अपनी बात नहीं कह पाते थे। मुख्यालय के इस नए रोस्टर से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि पुलिस की जवाबदेही भी तय होगी।