गो सम्मान दिवस, गो संरक्षण के लिए कार्यकर्ताओं ने किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सौंपा मांग पत्र

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा। 

सोमवार को ‘गो सम्मान दिवस’ अभियान के तहत गो भक्तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने अनुमंडल मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन के माध्यम से देश के शीर्ष नेतृत्व को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा, जिसमें गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए कठोर कानून और आधारभूत संरचनाओं के निर्माण की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकारों के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जो मुख्य रूप से गौवंश की सुरक्षा और उनके उपचार पर केंद्रित हैं। प्रत्येक प्रांत में कम से कम एक गो अभ्यारण्य के लिए वन या गोचर भूमि आवंटित की जाए। साथ ही, हर ग्राम पंचायत स्तर पर निराश्रित नर गौवंश के लिए ‘नंदीशाला’ स्थापित हो। गौशालाओं को मनरेगा योजना के अंतर्गत लाने की मांग की गई है, ताकि वहां काम करने वाले कर्मियों को ‘ग्वाल वेतन’ मिल सके और गौशालाओं का निर्माण कार्य भी इसी योजना के तहत हो। जिला स्तर पर पृथक ‘पंचगव्य चिकित्सालयों’ की स्थापना की जाए। राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और घायल गौवंश के तत्काल उपचार के लिए प्रत्येक 50 किमी या टोल प्लाजा पर गो वाहिनी एम्बुलेंस की तैनाती हो। प्रत्येक 150-200 किमी की दूरी पर विशेष गौ चिकित्सालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पशु मेलों की आड़ में हो रही अवैध तस्करी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मांग की है कि, जिसमें गो तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए एक सशक्त केंद्रीय कानून बनाया जाए। गो हत्या और तस्करी में लिप्त अपराधियों के लिए आजीवन कठोर कारावास जैसे कड़े दंड का प्रावधान हो। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद, कार्यकर्ताओं ने अनुमंडल अधिकारी और जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित प्रार्थना पत्र कार्यालय में सौंपने की बात कही। कार्यकर्ताओं का कहना है कि गोवंश भारतीय संस्कृति का आधार है और इसकी सुरक्षा के लिए सरकार को तत्काल कड़े कदम उठाने चाहिए।