दरभंगा दुष्कर्म कांड पर सियासत तेज, राजद ने बनाई जांच समिति,पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का भरोसा
दस्तक 7 मिडिया,बिरौल, दरभंगा।
दरभंगा जिला के बिरौल में दलित नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं का एक दल पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचा और हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
इसी बीच राजद बिहार कार्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक पत्र में मामले को गंभीर बताते हुए जांच समिति के गठन की घोषणा की गई है। पत्र के अनुसार, पार्टी ने घटना की सच्चाई जानने, पुलिस कार्रवाई की समीक्षा करने और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक टीम बनाई है।
इस जांच समिति में कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है, जो 16 अप्रैल 2026 को घटना स्थल का दौरा कर पूरे मामले की जानकारी जुटाएंगे और अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेंगे।
राजद ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि पीड़िता के परिजनों द्वारा थाना में आवेदन देने के बावजूद अब तक पुलिस ने उचित धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पीड़ित परिवार से मिलने जांच कमेटी में शामिल थे इसराईल मंसूरी पूर्व मंत्री राजद, मधु मंजरी कुशवाहा प्रदेश उपाध्यक्ष, यासमीन खातून जिला अध्यक्ष, उदय शंकर यादव जिला अध्यक्ष, गोपाल मंडल, गौरी शंकर मंडल, गणेश भारती पूर्व प्रत्याशी, जयप्रकाश पासवान, गंगाराम गोप, जिला प्रवक्ता सुबंश यादव, प्रखंड अध्यक्ष कैलाश प्रसाद, वसीम अहमद, प्रवीण यादव, बरकत अली, सहित दर्जनों राजद कार्यकर्ता मौजूद थे।
वही दूसरी ओर ज्योति सिंह ने आरोप लगाया कि तीन दरिंदों द्वारा नाबालिग के साथ जघन्य अपराध किए जाने के बाद भी पुलिस का रवैया उदासीन और असंतोषजनक रहा। परिजनों द्वारा न्याय की गुहार लगाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। मामले को लेकर ज्योति सिंह ने समाजसेवी प्रियंका झा से भी संपर्क कर बच्ची को न्याय दिलाने की अपील की। प्रियंका झा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कदम उठाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि न्याय में देरी हुई तो नारी शक्ति के बैनर तले आंदोलन छेड़ा जाएगा और स्थानीय थाना का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
