पंचायत चुनाव 2026: नई जनसंख्या आधार पर ‘प्रपत्र-1’ फिर से होगा जारी
पंचायत चुनाव 2026: नई जनसंख्या आधार पर ‘प्रपत्र-1’ फिर से होगा जारी
पंचायत चुनाव 2026: नई जनसंख्या आधार पर ‘प्रपत्र-1’ फिर से होगा जारी
दस्तक 7मीडिया/उत्तम सेन गुप्ता
बिहार में होने वाले पंचायत आम निर्वाचन 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। अब वर्ष 2011 की जनगणना के अद्यतन आंकड़ों के आधार पर प्रपत्र-1 को नए सिरे से तैयार और प्रकाशित किया जाएगा। इससे त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी के सभी पदों पर आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा।
क्या है नया बदलाव?
नगर निकायों के विस्तार के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों की सीमाएं और जनसंख्या में बदलाव हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने पुराने (2015) प्रपत्र-1 को अपडेट करने का निर्णय लिया है। पूरा काम इस बार डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
दो भागों में होगा वर्गीकरण, जहां कोई बदलाव नहीं हुआ, वहां पुराने आंकड़ों के आधार पर प्रकाशन,जहां बदलाव हुआ है, वहां नई जनसंख्या और क्षेत्रीय संशोधन के साथ प्रपत्र तैयार
जनता से मांगी जाएंगी आपत्तियां
27 अप्रैल 2026 को प्रारूप प्रकाशित होगा
11 मई 2026 तक आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी
25 मई 2026 को अंतिम प्रकाशन होगा
आपत्तियों की जानकारी डुगडुगी, मीडिया, सोशल मीडिया और स्थानीय प्रचार माध्यमों से दी जाएगी।
पारदर्शिता पर जोर
प्रत्येक आपत्ति की जांच के बाद संबंधित अधिकारी निर्णय देंगे, और अपील की अंतिम सुनवाई भी सुनिश्चित की गई है।
क्या है मकसद?
इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पंचायत चुनाव में आरक्षण का निष्पक्ष और सटीक निर्धारण करना है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मजबूत हो सके।