उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरो में प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं ने महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार ने कहा कि महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले का जीवन संघर्ष, समाज सुधार के लिए आज भी प्रासंगिक है। आज जरूरत है कि युवा पीढ़ी महात्मा फुले के जीवन दर्शन को आत्मसात करें।
इस कार्यक्रम का संचालन यूथ और इको क्लब के नोडल शिक्षक सोनू यादव ने किया। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन 1827 को पुणे में उनका जन्म हुआ था। वे अपनी पत्नी सावित्री बाई फुले के साथ मिलकर 1 जनवरी 1848 को भिंडवाड़ा में पहला बालिका विद्यालय खोला। उनका जीवन बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन, छुआछूत का विरोध, जातिप्रथा के विरोध में था ।
वहीं शिक्षक शंभूनाथ राय ने कहा कि ज्योतिबा फुले की जयंती पर हमलोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा साझा करने का संकल्प लेना चाहिए। डॉ रमन कुमार राजेश ने अपने संबोधन में कहा ज्योतिबा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर समाज की बुराइयों का अंत किया। उनके द्वारा रचित पुस्तक गुलामगिरी हम सबों को जरूर पढ़ना चाहिए।
मौके पर विद्यालय के शिक्षक राजकुमार ,रेखा कुमारी, बबीता, डॉ अन्नू कुमारी, अंशु प्रभा, कुमारी चंद्रप्रभा, प्रियंका कुमारी, आमिर खान, देवेंद्र प्रताप सिंह,गौतम जौहरी,अनुराग कुमार मंडल,रंजीत कुमार सिंह एवं विद्यालय के सभी छात्र- छात्राएं उपस्थित थे।