अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने को जागरूकता अभियान, “सखी वार्ता” में महिलाओं को किया गया जागरुक 

दस्तक 7मीडिया/दरभंगा 

अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन दरभंगा के सहयोग से महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस क्रम में केवटी प्रखंड के आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-304 पर “सखी वार्ता” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में लैंगिक विशेषज्ञ डॉली कुमारी और वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ वीरेन्द्र कुमार ने बाल विवाह और दहेज प्रथा के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है, जो बेटियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। साथ ही महिलाओं को इन कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस दौरान महिलाओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम में ‘181 महिला हेल्पलाइन’ और ‘1098 चाइल्ड हेल्पलाइन’ की जानकारी भी साझा की गई, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके।

किशोरियों के स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया गया तथा अभिभावकों को जागरूक किया गया कि वे बेटियों की पढ़ाई निरंतर जारी रखें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और किशोरियों ने भाग लिया और संवाद सत्र के दौरान अपनी समस्याएं साझा कीं, जिन पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक सुझाव दिए।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले की हर महिला को सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना उनका लक्ष्य है और ऐसे कार्यक्रम सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।