ब्रेकिंग न्यूज़ -दरभंगा में बड़ा बैंक लोन फ्रॉड: इंडियन ओवरसीज बैंक के असिस्टेंट मैनेजर गिरफ्तार, साइबर थाना कांड 25/26 में कार्रवाई

दस्तक 7मीडिया/दरभंगा 

जिले में करोड़ों के लोन फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) दरभंगा शाखा के असिस्टेंट मैनेजर को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी में  है। यह कार्रवाई साइबर थाना कांड संख्या 25/26 के तहत की गई है, जिसमें गरीब मजदूर के नाम पर फर्जी तरीके से लाखों का लोन निकालने का मामला सामने आया है।

 क्या है पूरा मामला?

पीड़ित राजकिशोर राय (ग्राम-केवटगामा, थाना-कुशेश्वरस्थान) ने शिकायत में बताया कि वह जीविकोपार्जन के लिए बाहर काम करते हैं और गांव में दुकान खोलने के लिए लोन लेना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ब्रजेश चौपाल नामक व्यक्ति से हुई, जिसने बैंक में पहचान होने का भरोसा देकर उन्हें दरभंगा स्थित IOB शाखा ले गया।बैंक में उनसे आधार, पैन कार्ड और कई कागजात पर हस्ताक्षर कराए गए।कुछ समय के लिए उनका मोबाइल सिम भी अपने कब्जे में लिया गया। बाद में उन्हें बताया गया कि लोन संभव नहीं है ,लेकिन कुछ महीनों बाद बैंक अधिकारी उनके घर पहुंचकर 18 लाख रुपये के लोन की बकाया किस्त मांगने लगे, जिससे पूरा मामला उजागर हुआ।

 जांच में क्या खुलासा हुआ?

जब पीड़ित ने बैंक जाकर जांच कराई तो पाया कि  उनके नाम से चालू खाता और लोन खाता दोनों खोले गए थे,खातों से लेन-देन भी हो चुका था, यह सब बिना उनकी जानकारी के किया गया

 समझौते और धमकी का आरोप

पीड़ित के अनुसार, आरोपी बैंक मैनेजर और बिचौलिये ने मामला दबाने के लिए 3 लाख रुपये देने और 70 लाख की सब्सिडी दिलाने का लालच दिया ।विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी ।

 पुलिस कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना दरभंगा में केस दर्ज किया गया। इस केस में धारा 312(4), 338, 340(2) BNS आईटी एक्ट की धारा 66(D)के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।जांच का जिम्मा पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी?

पुलिस के अनुसार, यह मामला संगठित बैंक फ्रॉड गिरोह से जुड़ा प्रतीत होता है। इसमें बैंक कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी खाते खोलकर लोन निकाली गई थी। साइबर डीएसपी बिपिन बिहारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले में बैंक के सहायक मैनेजर को गिरफ्तार किया गया हे, कई लोन खातों में इसी तरह की करोड़ों की धोखाधड़ी हुई हे लेकिन अनुसंधान जारी हे।