कुशेश्वरस्थान में चैती नवरात्र पर मां कालरात्रि की पूजा, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

दस्तक 7मीडिया /कुशेश्वरस्थान 

कुशेश्वरस्थान में चैती नवरात्र के अवसर पर बुधवार को महा सप्तशती पूजा के तहत विभिन्न मंदिरों एवं पूजा पंडालों में मां कालरात्रि की पूजा श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।

हिरणी दुर्गा मंदिर में आचार्य कमलेश झा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कराई। बेल तोड़कर विशेष पूजन किया गया। वहीं पंडित राजनारायण झा ने बताया कि नौ दिनों तक भगवत कथा का आयोजन चल रहा है, जिसमें कथा वाचक अशोक झा श्रद्धालुओं को कथा सुना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी भक्त सच्चे मन से मां के दरबार में अपनी मन्नत लेकर आते हैं, उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं।

इधर केवट गामा में आचार्य विजय ठाकुर ने जानकारी दी कि चैती नवरात्र के अवसर पर मंदिरों और पूजा पंडालों में स्थापित देवी-देवताओं की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिरों के पट खोल दिए गए। पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माता दुर्गा की पूजा-अर्चना की, प्रसाद चढ़ाया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान महिलाओं द्वारा ‘खोइछा भरने’ की परंपरा भी निभाई गई। महिलाओं ने अरवा चावल, दूब और हल्दी से मां का खोइछा भरा तथा चुनरी, अंगवस्त्र और श्रृंगार सामग्री अर्पित की।

प्रखंड के घोड़दौड़, पचहरा बुजुर्ग, मसानखोन, महराजपुर, चातर, परसंडा, मैरची, समौरा, करोतवा, कारगिल चौक, भरडिहा सहित कुशेश्वरस्थान बाजार स्थित राम-जानकी मंदिर परिसर में माता दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सभी पूजा स्थलों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया है।

चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर मेले का भी आयोजन किया गया है। मेलों में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी हैं, जहां लोग पूजा के साथ-साथ मेले का आनंद भी उठा रहे हैं। पूरे­ क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।