शहादत दिवस के अवसर पर कर्मचारी महासंघ कार्यालय में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु को दी गई श्रद्धांजलि
शहादत दिवस के अवसर पर कर्मचारी महासंघ कार्यालय में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु को दी गई श्रद्धांजलि
शहादत दिवस के अवसर पर कर्मचारी महासंघ कार्यालय में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु को दी गई श्रद्धांजलि
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
23 मार्च को शहादत दिवस के अवसर पर बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ कार्यालय में 95वीं पुण्यतिथि पर उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया गया।
इस अवसर पर आयोजित उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री फुल कुमार झा ने देश की आजादी में महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा की 1931 को आजादी के इन दीवानों को ब्रिटिश साम्राज्यवादी सरकार ने फांसी पर लटका दिया।
उनके तथा उनके जैसे हजार शहीदों ने बलिदान से भारत को आजादी मिली, लेकिन आजादी के 78 वर्षों में भी इन शहीदों के सपनों का भारत नहीं बन पाया।
आज भी करोड़ों लोग अपनी मूलभूत संसाधनों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इस अवसर पर महासंघ के संयुक्त जिला मंत्री साथी मो. ईशा खाँ ने कहा कि किसान मजदूर कर्मचारी एवं महिलाएं निरंतर शोषण के शिकार हो रहा है। दूसरी तरफ मुट्ठी भर लोग देश के सारे संसाधनों पर कब्जा करते जा रहे हैं। अन्याय व शोषण की यह व्यवस्था लगभग वैसी ही है जिसके विरोध में शहीद आजम भगत सिंह ने क्रांति का आवाहन किया था। वह चाहते थे कि मनुष्य द्वारा मनुष्य का शोषण समाप्त कर अन्याय की व्यवस्था का अंत कर समानता पर आधारित न्याय संगत समाजवादी व्यवस्था का निर्माण ही सच्ची स्वतंत्रता है।
उन्होंने कहा कि शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु,सुखदेव के शहादत दिवस पर देश के सभी शहीदों को सलाम करते हुए उनके सपनों का भारत बनाने के लिए प्रेरणा ने और उस दिशा में संघर्ष को आगे बढ़ाएं।
इस अवसर पर कर्मचारी नेता फकीरा पासवान ने कहा की मजदूर विरोधी एवं सर तत्कालीन ब्रिटिश सरकार के अन्याय के खिलाफ भगत सिंह एवं उनके साथियों ने 8 अप्रैल 1929 को असेंबली में बम फेंका था और कहा था कि बहरों को सुनाने के लिए बहुत ऊंची आवाज की जरूरत है। आज हमें उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संकल्प लेना चाहिए कि उनके बताए रास्ते पर चल कर ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।
इस अवसर पर साथिया शांति देवी, शिवेंद्र कुमार, प्रियंका कुमार, अश्विनी कुमार झा, सिकन्दर कुमार, रम्भा कुमारी, संजय कुमार मंडल, निशा कुमारी, सुधाकर सिंह, सूर्य देव राय, सरिता कुमारी, रश्मि कुमारी, हरेराम झा आदि कर्मचारी नेताओं ने अपना विचार व्यक्त किया।
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