प्रशिक्षु एस आई ने जमीन पर सीखी तफ्तीश की बारीकियां, दो पुलिस निरीक्षक ने दिए गुरुमंत्र, फील्ड की चुनौतियों के लिए तैयार हो रहे युवा अधिकारी
प्रशिक्षु एस आई ने जमीन पर सीखी तफ्तीश की बारीकियां, दो पुलिस निरीक्षक ने दिए गुरुमंत्र, फील्ड की चुनौतियों के लिए तैयार हो रहे युवा अधिकारी
प्रशिक्षु एस आई ने जमीन पर सीखी तफ्तीश की बारीकियां, दो पुलिस निरीक्षक ने दिए गुरुमंत्र, फील्ड की चुनौतियों के लिए तैयार हो रहे युवा अधिकारी
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
पुलिस महकमे में कार्यकुशलता और अनुसंधान की बारीकियों को समझने के लिए बिरौल थाना में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण अभियान तेज हो गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को थाना कार्यालय में प्रशिक्षु अधिकारियों की एक टीम ने अपने दो वरीय पदाधिकारी के मार्गदर्शन में क्षेत्र का विभिन्न कांडों के अनुसंधान का जमीनी अनुभव प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण अभियान पुनि सह पर्यवेक्षी पदाधिकारी अमृत लाल वर्मन और पुनि सह थानाध्यक्ष चन्द्र मणि के संयुक्त के नेतृत्व में चलाया गया। ट्रेनिंग के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को न केवल कागजी कार्रवाई, बल्कि घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन और केस डायरी तैयार करने के महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए। प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक भार्गवी कुमारी, शैलेश कुमार,राहुल कुमार,सनम कुमार राय ने बिरौल थाना क्षेत्र में विभिन्न कांडों की पड़ताल किया।यहां टीम ने विभिन्न लंबित कांडों के अनुसंधान के तौर-तरीकों को समझा। प्रशिक्षण दे रहे दोनों पुलिस निरीक्षक ने युवा अधिकारियों को बताया कि एक सफल अनुसंधान के लिए घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण और स्थानीय इनपुट कितना महत्वपूर्ण होता है। पुनि सह पर्यवेक्षी पदाधिकारी अमृत लाल वर्मन और थानाध्यक्ष चन्द्र मणि ने संयुक्त रूप से बताया कि युवा पुलिस अधिकारियों के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में जाकर वास्तविक मामलों की जांच करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे कानून की पेचीदगियों को बेहतर ढंग से समझ पाते है। इस व्यावहारिक ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य इन प्रशिक्षु एसआई को फील्ड की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। टीम ने अनुसंधान के दौरान गवाहों के बयान दर्ज करने,वैज्ञानिक साक्ष्यों के महत्व और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन पर विशेष ध्यान दिया। स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस सक्रियता से न केवल मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी, बल्कि नए अधिकारियों को जनता के बीच कार्य करने का अनुभव भी प्राप्त होगा।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के 56 केन्द्रों पर लगभग 1,62,000 परीक्षार्थी दे रहे हैं स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा, कुलपति के दिशा-निर्देश में स्नातक प्रथम सेमेस्टर (2025-29) की हो रही है शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त परीक्षा
कोडीनयुक्त कफ सिरप के साथ पकड़ा गया युवक दोषी, सजा पर फैसला 17 मार्च को