दरभंगा /
समस्तीपुर जिलाबल मे पदस्थापित एक महिला सिपाही की मौत के बाद उसके पति द्वारा मेजर पर लगाये गये आरोप अगर सही हैं तो यह बहूत ही गंभीर मामला हैं।क्या ,पुलिसिया व्यवस्था मे अब डयूटी लगाने के नाम पर भी पैसे लिये जा रहें हैं ?अगर नहीं तो सिपाही सुमन कुमार ऐसे आरोप कैसे मेजर पर लगा रहें हैं ?अगर यह आरोप सही हैं तो निश्चित रूप से ऐसे पुलिस अधिकारियों पर कारवाई होनी चाहिये ?कई पुलिस कर्मी दबे जुबान कह रहें हैं कि हाँ पैसे लिये जाते हैं। अब ऐसे आरोप के बाद पुलिस के आलाधिकारी को चाहिये कि इस मामले को गंभीरता से जांच करायी जाय ताकि पता चल सके कि इस आरोप मे कितनी सच्चाई हैं।
यह भी बात उतनी ही सही हैं कि जब अपनी समस्याओं से लोग जूझ नहीं पाते तो कई लोग खुदकुशी कर लेते हैं ?सिपाही अर्चना के द्वारा लिखे नोट मे कुछ ऐसी ही परेशानियों का जिक्र कर रही हैं।
मेजर पर सिपाही सुमन कुमार ने आरोप लगाते हुये कहा कि मुझे जबरदस्ती ताजपुर टाईगर मोबाईल मे भेज देते थे और तीन चार किलो मिठाई मांगते थे यही नहीं हफ्ते मे दो तीन हजार रुपये भी ले लेते थे। उसने कहा कि झूठा आरोप लगाकर मेजर ने हमें निलंबित कर दिया इस कारण मेरी पत्नी काफी परेशान थी। सिपाही सुमन ने कहा कि कई परेशानियों ने हम लोग जूझ रहें थे ,मेरी पत्नी ने कई बार एसपी और डीएसपी से शिकायत की लेकिन उसका कोई प्रतिफल नहीं निकला इस कारण मेरी पत्नी अर्चना दुनियां छोड़कर ही चली गई। विगत दो महीने से अर्चना अपने पति के निलंबन और सरकारी आवास खाली कराने को लेकर डिप्रेशन मे थी। दोनों पति पत्नी पुलिस विभाग मे सिपाही के पद पर कार्यरत थी।वास्तव मे अगर डयूटी लगाने पर भी पुलिस अधिकारी द्वारा पैसे लिये जाते हैं तो यह गंभीर विषय हैं।अगर समस्तीपुर जिला बल से यह शिकायत हैं तो अन्य जिला मे भी कमोवेश यह उम्मीद जताई जा सकती हैं।फिलहाल इस बिंदु पर जांच आवश्यक हैं।
