बंपर पैदावार की उम्मीद, आम के पेड़ों पर लदे मंजर देख बागवानों के खिले चेहरे, लेकिन कुदरत की बेरुखी का सता रहा डर
बंपर पैदावार की उम्मीद, आम के पेड़ों पर लदे मंजर देख बागवानों के खिले चेहरे, लेकिन कुदरत की बेरुखी का सता रहा डर
बंपर पैदावार की उम्मीद, आम के पेड़ों पर लदे मंजर देख बागवानों के खिले चेहरे, लेकिन कुदरत की बेरुखी का सता रहा डर
दस्तक7मिडिया,डॉ.सुष्मिता कुमारी, मुंगेर।
फलों के राजा आम का आगमन करीब है और इस बार प्रकृति ने शुरुआत में ही सकारात्मक संकेत देने शुरू कर दिए हैं। क्षेत्र के आम के बगीचों में इस वर्ष पिछले साल की तुलना में भारी मात्रा में मंजर नजर आ रहे हैं। पेड़ों की टहनियां फूलों के बोझ से झुकने लगी हैं, जिसे देख किसानों और बागवानों में खुशी की लहर है।
किसानों का कहना है कि बीते वर्ष आम की फसल औसत से कम रही थी, लेकिन इस बार मौसम की अनुकूलता के कारण मंजरों का घनत्व काफी अधिक है। यदि सब कुछ ठीक रहा, तो इस साल राज्य
में आम की रिकॉर्ड पैदावार होने की संभावना है। स्थानीय किसान बताते हैं कि मंजरों की यह रौनक एक सुनहरे सीजन का वादा कर रही है।
खुशी के बीच छिपी ‘प्राकृतिक आपदा’ की आशंका
जहां एक ओर मंजरों की बहुतायत उत्साह बढ़ा रही है, वहीं कृषि विशेषज्ञों और अनुभवी बागवानों ने आगाह भी किया है। आम की खेती में एक पुरानी कहावत और अनुभव रहा है— “जब-जब मंजर भारी, तब-तब कुदरत की मार भी भारी।”
विशेषज्ञों के अनुसार, जब पेड़ों पर मंजर अधिक होते हैं, तो वे हवा के दबाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। मार्च और अप्रैल के महीनों में आने वाले तेज आंधी-तूफान इन नाजुक मंजरों को झटक कर गिरा देते हैं। यदि इस बीच बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि होती है, तो मंजरों में ‘मधुआ’ कीट या फफूंद लगने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पूरी फसल तबाह हो सकती है। भारी मंजर देख श्याम सहनी,महेश कुमार,अनील जैसे किसान खुश तो हैं, लेकिन उनके मन में एक टीस भी है कि कहीं मेहनत पर पानी न फिर जाए। पिछले कुछ सालों का अनुभव रहा है कि ऐन वक्त पर आए आंधी-तूफान ने बागवानों को मायूसी की कगार पर खड़ा कर दिया था। फिलहाल, किसान अपनी ओर से सिंचाई और कीट नियंत्रण के उपायों में जुट गए हैं ताकि प्राकृतिक चुनौतियों से यथासंभव निपटा जा सके।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मंजरों की स्थिति पर लगातार नजर रखें और आंधी-तूफान के समय नमी के प्रबंधन के लिए हल्का छिड़काव और कीटों से बचाव के लिए उचित दवाओं का प्रयोग करें।