झगरुआ, बुजुर्ग अब्दुल सलाम सुपुर्द-ए-खाक, आपसी संवाद से सौहार्द बनाए रखने की अपील,
झगरुआ, बुजुर्ग अब्दुल सलाम सुपुर्द-ए-खाक, आपसी संवाद से सौहार्द बनाए रखने की अपील,
झगरुआ, बुजुर्ग अब्दुल सलाम सुपुर्द-ए-खाक, आपसी संवाद से सौहार्द बनाए रखने की अपील,
दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
जमालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत झगरुआ गांव में बीते दिनों हुई एक दुखद घटना के बाद सोमवार को स्थिति शांतिपूर्ण रही। मामूली विवाद के दौरान जान गंवाने वाले बुजुर्ग मो. अब्दुल सलाम के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां नम आंखों के साथ उन्हें स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अब्दुल सलाम के अंतिम संस्कार के दौरान न केवल उनके परिजन, बल्कि समाज के लोग और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पंचायत के मुखिया मो.आदिल,खैंसा पंचायत के मुखिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और गांव में शांति बनाए रखने की अपील की। ग्रामीणों ने इस दुख की घड़ी में धैर्य और संयम का परिचय देकर यह संदेश दिया कि न्याय प्रक्रिया पर उन्हें पूर्ण विश्वास है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सोमवार को एसडीएम शशांक राज और एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने खुद गांव का दौरा किया। उन्होंने विशेष रूप से घटनास्थल के निकट अनुसूचित जाति के अन्य परिवारों से मुलाकात की और उनसे बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम और एसडीपीओ की उपस्थिति में दूसरे पक्ष के लोगों ने स्पष्ट किया कि इस दुखद घटना से इन परिवारों का कोई लेना-देना नहीं है।पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है और प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि गांव का सामाजिक ताना-बाना बना रहे।
झगरुआ के जागरूक नागरिकों और प्रशासन के साझा प्रयासों से गांव में तनाव की स्थिति नहीं है। मुखिया और अन्य प्रबुद्ध जनों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। यह समय आपसी रंजिश पालने का नहीं, बल्कि एक-दूसरे का संबल बनने का है। कानून अपना काम कर रहा है। समाज के सभी वर्गों का साथ रहना ही मृत आत्मा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और गांव की प्रगति का आधार है।