मधुबनी में फर्जी प्रमाणपत्र पर बहाल 16 शिक्षक सेवामुक्त, वेतन वसूली का आदेश,

निगरानी जांच में खुलासा; प्राथमिकी दर्ज, वेतन पर रोक ,शिक्षा विभाग ने कहा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

दस्तक 7मीडिया ,मधुबनी/

जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे 16 शिक्षकों को सेवामुक्त कर दिया है। यह कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच में इन शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए, जिसके बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा समाप्त करने और अब तक लिए गए वेतन की वसूली का आदेश जारी किया है।

जानकारी के अनुसार, शिक्षकों की नियुक्ति के दौरान प्रस्तुत किए गए प्रमाण-पत्रों की जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की गई थी। सत्यापन के क्रम में संबंधित बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों से प्राप्त रिपोर्ट में दस्तावेज अमान्य या जाली पाए गए। इसके बाद विभाग ने संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कठोर कार्रवाई शुरू कर दी है।

वेतन पर तत्काल रोक, रिकवरी की प्रक्रिया शुरू

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सभी 16 शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए। साथ ही अब तक भुगतान की गई राशि की वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

नियुक्ति प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

इस प्रकरण के सामने आने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, विभाग अब अन्य शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की भी चरणबद्ध जांच कराने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।

कड़ी चेतावनी

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यदि आगे भी जांच में किसी अन्य शिक्षक का प्रमाण-पत्र संदिग्ध पाया जाता है तो उनके विरुद्ध भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। विभागीय सख्ती के बाद अन्य शिक्षकों में भी अपने दस्तावेजों को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।