डरहार स्कूल में आयुष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, 250 छात्र-छात्राओं को दी गई पारंपरिक चिकित्सा की जानकारी

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

जिला आयुष समिति सह जिला संयुक्त औषधालय, दरभंगा की ओर से सोमवार को राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, डरहार बहादुरपुर में आयुष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. हरेंद्र कुमार लाल दास एवं विद्यालय के प्रधानाध्यापक केसरी कल्याण ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर डॉ. हरेंद्र कुमार लाल दास ने कहा कि राज्य आयुष समिति के दिशा-निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, योग एवं नेचुरोपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बताया कि स्थानीय औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों के महत्व को समझाकर बच्चों और आम नागरिकों को स्वस्थ, दीर्घायु एवं खुशहाल जीवन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सस्ती, सुलभ एवं वैज्ञानिक आयुष चिकित्सा पद्धतियां अब सरकार के प्रयास से गांव-गांव तक पहुंच रही हैं। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में बचपन से ही आयुष चिकित्सा के प्रति जागरूकता का बीज बोना है।

कार्यक्रम में स्वच्छ दिनचर्या, पोषक आहार, सही खानपान, अच्छा आचरण, योग-व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य तथा शारीरिक प्रकृति जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने नीम, आंवला, जामुन, गिलोय, एलोवेरा, तुलसी और हल्दी जैसे औषधीय पौधों के उपयोग के बारे में बताया तथा बच्चों को इन्हें लगाने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. रणधीर कुमार ईश्वर (आयुर्वेद), डॉ. राहुल रंजन (होम्योपैथी), डॉ. मंजर आलम (यूनानी) समेत अन्य चिकित्सकों और योग प्रशिक्षक डॉ. उमेश कुमार उषाकर के सहयोग से आयोजित इस शिविर में लगभग 250 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने भाग लिया।

चिकित्सकों ने बच्चों को मौसमी फल एवं सब्जियों का अधिक उपयोग करने तथा डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ और जंक फूड से परहेज करने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा आगत अतिथियों का स्वागत औषधीय पौधे भेंट कर किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी स्वस्थ दिनचर्या अपनाने और सफल जीवन के लिए छात्रों को प्रेरित किया।