मौनी बाबा की गिरफ्तारी कब?” पुलिस की चुप्पी पर फूटा जनाक्रोश ,दो माह से फरार आरोपी पर कार्रवाई नहीं, पीड़ित परिवार बोला-” संरक्षण दे रही है पुलिस”।ऑडियो को सुनने मात्र से ही आ जाएगा वह काला सच ?
मौनी बाबा की गिरफ्तारी कब?” पुलिस की चुप्पी पर फूटा जनाक्रोश ,दो माह से फरार आरोपी पर कार्रवाई नहीं, पीड़ित परिवार बोला-” संरक्षण दे रही है पुलिस”।ऑडियो को सुनने मात्र से ही आ जाएगा वह काला सच ?
मौनी बाबा की गिरफ्तारी कब?” पुलिस की चुप्पी पर फूटा जनाक्रोश ,दो माह से फरार आरोपी पर कार्रवाई नहीं, पीड़ित परिवार बोला-” संरक्षण दे रही है पुलिस”।ऑडियो को सुनने मात्र से ही आ जाएगा वह काला सच ?
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
नाबालिग से कथा वाचक द्वारा कथित यौन शोषण के सनसनीखेज मामले के फरार आरोपी राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से जनाक्रोश फूट पड़ा है। महिला थाना कांड संख्या 182/25 में दर्ज इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है।
परिजनों ने वरीय पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में साफ शब्दों में कहा है कि दो माह बीत जाने के बावजूद थानाध्यक्ष द्वारा न तो गैर-जमानती वारंट लिया गया और न ही गिरफ्तारी की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की यह निष्क्रियता संदेह पैदा करती है कि आरोपी को प्रभाव और पैसे के बल पर बचाया जा रहा है।
पीड़ित पक्ष के परिजनों ने दावा किया है कि उन्होंने एक पेन ड्राइव में महत्वपूर्ण ऑडियो साक्ष्य भी वरीय पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में सौंपा है, जिसमें आरोपी और अन्य लोगों के बीच हुई बातचीत दर्ज है। उनका कहना है कि यदि इस ऑडियो की निष्पक्ष फोरेंसिक जांच हो जाए तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। कहना हे कि जो ऑडियो रेकार्डिंग पुलिस को आवेदन के साथ सौंपा गया हे ,उसके सुनने भर से कथा वाचक ,मौनी बाबा ,मठ पर रहने वाले लोंगों के कुकृत्य का पर्दा उठ जाएगा।
परिवार का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है, जिससे गवाहों पर दबाव बनाने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने महिला थाना की थानाध्यक्ष पर पक्षपातपूर्ण अनुसंधान का आरोप लगाते हुए नए और ईमानदार अनुसंधान पदाधिकारी की नियुक्ति की मांग की है।
पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और व्यापक जन आंदोलन छेड़ेंगे।पीड़िता के परिजन का आरोप हे कि इस पूरे प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने से अब तक थानाध्यक्ष द्वारा सभी सूचनाओं का आदान प्रदान किया गया हे ,केश डायरी के लिखने में लापरवाही बरती गई हे ,और सभी वरीय पुलिस पदाधिकारी मूकदर्शक हे यही नहीं मौनी बाबा को बचाने में लगे हे ,ऐसा लगता हे कि पुलिस पदाधिकारियों को पॉक्सो एक्ट में या तो जानकारी का अभाव हे ,या तो बड़े पैमाने पर डील हुई हे ,जिस कारण मौनी बाबा को बचाने का अथक प्रयास चल रहा हे।परिजन कहते हे कि अब तो ऐसा ऑडियो क्लिप पुलिस को सौंपा गया हे जिसके सुनने भर से कथा वाचक और मौनी बाबा के सभी काले कारनामे सामने आ जाएंगे।
अब पूरा मिथिला क्षेत्र यह सवाल पूछ रहा है
“आखिर पुलिस किसका इंतजार कर रही है?”
क्या न्याय की आवाज दबा दी जाएगी, या कानून अपना काम करेगा?