नदैय में बाबा चंद्रेश्वर नाथ के जयकारों से गुंजायमान हुआ क्षेत्र, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
नदैय में बाबा चंद्रेश्वर नाथ के जयकारों से गुंजायमान हुआ क्षेत्र, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
नदैय में बाबा चंद्रेश्वर नाथ के जयकारों से गुंजायमान हुआ क्षेत्र, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
दस्तक7मिडिया, गौड़ा बौराम, अमीत झा।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ऐतिहासिक और पौराणिक महत्ता वाले बाबा चंद्रेश्वर नाथ महादेव मंदिर प्रांगण में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह की पहली किरण के साथ ही शिवालय में हजारों भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया वर्षों पुराने गौड़ा बौराम प्रखंड के नदैय स्थित इस शिवालय में भक्तों की लंबी कतारें बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बेताब दिखीं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि की यह रात्रि अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर आत्मज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाली है। श्रद्धालु न केवल शिवलिंग पर जलाभिषेक कर रहे हैं, बल्कि शिव-शक्ति के मिलन के इस उत्सव में पूरी रात जागकर भजन-कीर्तन और शिव-स्मरण में लीन हैं। महाशिवरात्रि का यह पर्व कई गहरी आध्यात्मिक और पौराणिक कथाओं को समेटे हुए है, जो आज भी भक्तों के बीच अटूट श्रद्धा का केंद्र हैं। जानकारों का कहना है कि शिव पुराण के अनुसार, इसी फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात को भगवान सदाशिव अपने अनादि-अनंत शिवलिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। माना जाता है कि आज ही के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था, जो पुरुष और प्रकृति के एकाकार होने का प्रतीक है।अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर, शिव-शक्ति के मिलन और सृष्टि के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है यह महाशिवरात्रि पर्व।”