पिता की डांट के डर से घर छोड़ स्कूल पहुंचा नाबालिग, छह घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा,
पिता की डांट के डर से घर छोड़ स्कूल पहुंचा नाबालिग, छह घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा,
पिता की डांट के डर से घर छोड़ स्कूल पहुंचा नाबालिग, छह घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा,
दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
बिरौल थाना क्षेत्र के बलिया गांव से लापता नाबालिग अविनाश कुमार झा को पुलिस और परिजनों ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। वह पड़ोस के लदहो गांव के एक विद्यालय में कक्षा में बैठा पढ़ाई कर रहा था। पुलिस की पूछताछ के बाद उसे पीआर बॉन्ड पर परिजनों को सौंप दिया गया है।
अविनाश के लापता होने के बाद गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो अलग-अलग स्थानों पर खून के धब्बे पाए गए। इस खबर के बाद गांव का माहौल ‘हाई-वोल्टेज’ हो गया और तरह-तरह की आशंकाएं जताई जाने लगीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी के निर्देश पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ जिला मुख्यालय से फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम को भी जांच के लिए बिरौल बुलाया गया।
एसडीपीओ सह एएसपी प्रभाकर तिवारी के मार्गदर्शन पर थानाध्यक्ष चंद्र मणि, पर्यवेक्षी अधिकारी अमृत लाल वर्मन और एएसआई राजीव कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारियों ने लड़के की तलाश करना शुरू कर दिया। पूरी पुलिस टीम सुराग जुटाने में लगी थी, तभी सूचना मिली कि लापता अविनाश लदहो गांव के एक स्कूल में देखा गया है।
थानाध्यक्ष चंद्र मणि ने बताया कि पूछताछ में
अविनाश ने बताया कि खेलने के दौरान देर हो जाने के कारण पिता की डांट से डर गया था। पकड़े जाने के डर से वह घर न जाकर रात भर लदहो गांव के स्कूल में ही छिपा रहा। सुबह जब स्कूल खुला, तो वह चुपचाप पांचवीं कक्षा में जाकर बैठ गया और पढ़ाई करने लगा। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने जब एक नए बच्चे को कक्षा में देखा, तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने तुरंत पंचायत के मुखिया को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस और परिजनों तक खबर पहुंची।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश ने वर्ष 2024 में भी पिता की डांट और मारपीट के डर से घर छोड़ दिया था और दो दिन बाद वापस आया था। पुलिस ने बच्चे की काउंसलिंग कर उसे सुरक्षित परिजनों के हवाले कर दिया है, जिससे इलाके के लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।