महाराजाधिराज डॉ. कामेश्वर सिंह को ‘भारत रत्न’ देने की फिर से उठी जोरदार मांग, विधानसभा में गूंजा मुद्दा,

भारत रत्न सम्मान मिलना करोड़ों जन भावना का होगा सम्मान :कुमार कपिलेश्वर सिंह 

दस्तक 7मीडिया /

मिथिला के महान दानी, शिक्षाविद् और राष्ट्रनिर्माता महाराजाधिराज डॉ. कामेश्वर सिंह को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ प्रदान करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। अष्टादश बिहार विधान सभा के द्वितीय सत्र में शून्यकाल के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता सह विधायक मुरारी मोहन झा ने इस मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाया और बिहार सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार से अनुशंसा करने की मांग की।

विधायक मुरारी मोहन झा ने कहा कि महाराजाधिराज डॉ. कामेश्वर सिंह का योगदान केवल मिथिला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, राष्ट्रीय रक्षा, संविधान निर्माण और संस्कृति के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। वे संविधान सभा के सदस्य एवं राज्यसभा सांसद रहे और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे महान विभूति को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करना करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान होगा। मिथिला के महापुरुषों को उनका उचित सम्मान दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करते रहेंगे।

 

युवराज कपिलेश्वर ने क्या कहा –

इधर, कामेश्वर धार्मिक न्यास के ट्रस्टी युवराज कुमार कपिलेश्वर सिंह ने विधायक मुरारी मोहन झा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज परिवार की ओर से वे विशेष धन्यवाद देते हैं कि विधानसभा में जनता की इस भावना को प्रमुखता से रखा गया। उन्होंने कहा कि यदि दानवीर महाराजा को भारत रत्न मिलता है तो यह पूरे मिथिला क्षेत्र के लिए गौरव का विषय होगा।

युवराज कुमार कपिलेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उनके दादा महाराजाधिराज डॉ. कामेश्वर सिंह एक विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने शिक्षा संस्थानों की स्थापना, मंदिरों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार, कला-संस्कृति के संरक्षण तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे एक महान दानी के रूप में विख्यात थे और समाजहित में निरंतर कार्य करते रहे। उनके कार्य आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उन्होंने कहा कि वे स्वयं अपने दादा के आदर्शों से प्रेरणा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। समाज के उत्थान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार करोड़ों जनभावनाओं का सम्मान करते हुए महाराजाधिराज डॉ. कामेश्वर सिंह को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों में भी इस मांग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मिथिला क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है और इसे क्षेत्र की अस्मिता से जुड़ा विषय बताया है।