पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में उबाल, दरभंगा में मसाल जुलूस निकालकर बिहार सरकार का पुतला दहन
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में उबाल, दरभंगा में मसाल जुलूस निकालकर बिहार सरकार का पुतला दहन
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में उबाल, दरभंगा में मसाल जुलूस निकालकर बिहार सरकार का पुतला दहन
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
35 साल पुराने मामले में सांसद पप्पू यादव को जेल भेजे जाने के बाद उनके समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इसी क्रम में दरभंगा में शैतान चौक से खान चौक तक विशाल मसाल जुलूस निकाला गया, जहां बिहार सरकार का पुतला दहन किया गया। इस मसाल जुलूस की अगुवाई डॉ. मुन्ना खान एवं चुनमुन यादव के संयुक्त नेतृत्व में की गई। जुलूस में उमड़ा जनसैलाब यह दर्शाने के लिए काफी था कि पप्पू यादव अब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा बन चुके हैं।
मसाल जुलूस और पुतला दहन के दौरान समर्थकों के चेहरे पर आक्रोश, गम और अपने नेता के प्रति अटूट निष्ठा साफ झलक रही थी। पुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मुन्ना खान ने कहा कि देश में अराजकता चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी नेता सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे जेल में डालकर प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए स्व. शहाबुद्दीन साहब, स्व. मुख्तार अंसारी साहब और स्व. अतीक अहमद साहब का जिक्र किया।
डॉ. मुन्ना खान ने आशंका जताते हुए कहा कि पप्पू यादव के समर्थकों को डर है कि कहीं सांसद पप्पू यादव को भी जेल में साजिश के तहत नुकसान न पहुंचाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार की ओर से ऐसा कोई कदम उठाया गया तो पूरा बिहार सुलग उठेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “जेल की दीवारें संघर्ष को नहीं रोक सकतीं।” साथ ही उन्होंने माननीय न्यायालय पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि न्यायपालिका गरीबों और जनता की आवाज के साथ अन्याय नहीं होने देगी।
वक्ताओं ने कहा कि यह गिरफ्तारी सिर्फ एक नेता की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस आवाज को दबाने की कोशिश है जो आपदा और संकट के समय सड़कों पर उतरकर लोगों की जान बचाती है। उन्होंने कहा कि सत्ता यह भूल रही है कि पप्पू यादव को कैद किया जा सकता है, लेकिन उनकी सेवा भावना और जनसंघर्ष को नहीं। समर्थकों ने ऐलान किया कि जब तक स्व. निट छात्रा को इंसाफ नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। यह मामला किसी एक परिवार की बेटी का नहीं, बल्कि पूरे बिहार की बेटियों की इज्जत, सुरक्षा और भविष्य का सवाल है। वक्ताओं ने केंद्र सरकार के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” नारे पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की।
सभा में पुतिन बिहारी ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड और सुरजन घोटाले का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इन मामलों का क्या हुआ। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच पर तब तक भरोसा नहीं किया जा सकता, जब तक उसकी निगरानी हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज द्वारा न की जाए। वहीं चुनमुन यादव ने कहा कि पप्पू यादव वर्षों से संघर्ष करते आ रहे हैं और बिहार की बेटियों को इंसाफ दिलाने की लड़ाई भी लड़ रहे हैं। उन्होंने इसे पूरे बिहार के परिवारों का मुद्दा बताते हुए हर घर से समर्थन की अपील की।
इस मसाल जुलूस में चंद्रकांत सिंह, नफीस खान, नौशाद अहमद, आसिफ हसनैन, हुसैन खान सोनू, एडवोकेट सुनील कुमार, कुणाल पांडे, खुशहाल खान, भैरव कुमार, दस्तगीर अंसारी, मिन्नतुल्लाह अंसारी, मो. अफरोज, विवेक सिंह निवेश, अरविंद, अमित गोपाल, सौरव, बबलू दीपक, डॉ. वारिस, पप्पू सुमन सहित सैकड़ों की संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
सभा के अंत में समर्थकों ने एक स्वर में नारा दिया“हम लोग झुकेंगे नहीं, हम लोग रुकेंगे नहीं। न्याय की जीत होकर रहेगी!”