हरिनगर गांव में विवाद के बाद शांति बहाल, भारी पुलिस बल तैनात; शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने दिलाया निष्पक्ष न्याय का भरोसा

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद फिलहाल शांति का माहौल है। स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए गांव में दंडाधिकारी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल लगातार कैंप कर रहा है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने भी गांव का दौरा कर दोनों समुदायों से आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा कि निर्दोष लोंगों को डरने की जरूरत नहीं हें ,न्यायसंगत कारवाई होगी।

घटना की पृष्ठभूमि में बताया जाता है कि 30 जनवरी को पैसे के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हुई थी। इसी दौरान एक पक्ष द्वारा गांव के कुटुम्ब के साथ मारपीट किए जाने की सूचना पर पहुंचे अन्य लोगों की दूसरे पक्ष से भी झड़प हो गई। इस मामले को लेकर हेमकांत झा ने थाने में करीब आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध मारपीट, पैसे और अन्य आरोप लगाते हुये थाना को आवेदन दिया था, लेकिन आवेदन के अनुसार  गंभीर धाराएं नहीं लगने और मामला जमानतीय होने के कारण पुलिस ने तत्काल गिरफ्तारी नहीं की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस 30 जनवरी को ही तत्परता दिखाती तो मामला आगे नहीं बढ़ता।

31 जनवरी को विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जब गांव के कई लोग एकजुट होकर दूसरे पक्ष पर टूट पड़े। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें डीएमसीएच में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इसके बाद दर्ज प्राथमिकी में 70 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध एससी/एसटी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गंभीर धाराओं के कारण गांव के कई पुरुष और युवक गिरफ्तारी के डर से गांव छोड़ चुके हैं।कुछ रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं तो कुछ पास के बगीचों में ठिकाना बनाए हुए हैं। इससे एक पक्ष यानि ब्राह्मण समुदाय के मुहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है।

इसी क्रम में गुरुवार को एक प्राथमिक विद्यालय के परिसर में एसडीओ शशांक राज एवं एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों के लोगों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। ब्राह्मण समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि प्राथमिकी में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं जो गांव में रहते ही नहीं। वहीं दलित पक्ष का कहना था कि मूल विवाद दो व्यक्तियों के बीच था, लेकिन समूह बनाकर पूरे दलित समाज के साथ मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट की गई।

एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने दोनों पक्षों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और दोषी बख्शे नहीं जाएंगे और निर्दोषों को फंसाया नहीं जाएगा। उन्होंने लूटपाट में गायब हुए सामान की बरामदगी का भरोसा दिया और बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। यदि आरोपी न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो कुर्की-जप्ती की कार्रवाई के लिए आदेश लिया जाएगा।

बैठक में इंस्पेक्टर महफूज आलम, बीडीओ ललन कुमार चौधरी, थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद, एसआई अंशु कुमारी, हरिनगर पंचायत के मुखिया विमल चंद्र खां, नगर पंचायत के मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान उर्फ जैरुन पासवान, मधुकांत झा ‘मिंटू’, भाजपा जिलाध्यक्ष विनय कुमार पासवान, मणिकांत झा, जयप्रकाश नारायण पासवान, मुरारी पासवान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।