कबीर सतधर्म फाउंडेशन ने मनाई दूसरी वर्षगांठ, रोहार में आश्रम का भव्य उद्घाटन, गरीबों व विधवाओं की सेवा का लिया संकल्प
कबीर सतधर्म फाउंडेशन ने मनाई दूसरी वर्षगांठ, रोहार में आश्रम का भव्य उद्घाटन, गरीबों व विधवाओं की सेवा का लिया संकल्प
कबीर सतधर्म फाउंडेशन ने मनाई दूसरी वर्षगांठ, रोहार में आश्रम का भव्य उद्घाटन, गरीबों व विधवाओं की सेवा का लिया संकल्प
दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
समाज में व्याप्त अंधविश्वास और पाखंड को मिटाकर मानवतावादी मूल्यों की स्थापना हेतु समर्पित कबीर सतधर्म फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा सोमवार को रोहार गांव में अपनी द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर नवनिर्मित आश्रम का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैशाली के ख्यातिप्राप्त महात्मा रमेश साहेब एवं साध्वी रेणु भारती ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और फीता काटकर किया।
ट्रस्ट ने इस अवसर को सेवा के उत्सव के रूप में मनाया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी विधवा महिलाओं को साड़ी भेंट की गई। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों से आए संतों, महात्माओं और समाजसेवियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। बाल ब्रह्मचारी महात्मा शम्भू साहेब ने ट्रस्ट के लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि इस संस्था का मुख्य उद्देश्य दलित, पिछड़े और असहाय बच्चों को शिक्षित करना तथा गरीबों के स्वास्थ्य के लिए कार्य करना है। उन्होंने जोर देकर कहा,हमारा लक्ष्य समाज से पाखंड को समाप्त कर सच्चे कबीरपंथी विचारों को फैलाना है, ताकि देश में एक समरसता और समतामूलक समाज की स्थापना हो सके।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए संत बद्री चौपाल साहेब ने कबीर साहेब के दोहों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा
माता न पुजलह, पिता न पुजलह, खोजै छ भगवान
इसका मर्म समझाते हुए उन्होंने बताया कि जिस घर में माता-पिता की सेवा नहीं होती, वहां ईश्वर का वास संभव नहीं है। सबसे पहले अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए, क्योंकि उनकी प्रसन्नता में ही ईश्वर का आशीर्वाद निहित है।
इस विशाल सत्संग एवं सम्मेलन में दर्जनों की संख्या में साधु-संतों ने शिरकत की। मुख्य रूप से महात्मा ज्ञानी दास साहेब, महात्मा सहदेव साहेब, चंदन साहेब, और रामस्वरूप साहेब सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कबीर साहेब के बताए सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।