व्यवहार न्यायालय बिरौल में विधिक सेवा समिति की समीक्षा बैठक, 14 मार्च के राष्ट्रीय लोक अदालत पर चर्चा, गरीब और पिछड़ों को निःशुल्क विधिक सहायता देना संविधान का मूल उद्देश्य – शिव कुमार, न्यायाधीश।
व्यवहार न्यायालय बिरौल में विधिक सेवा समिति की समीक्षा बैठक, 14 मार्च के राष्ट्रीय लोक अदालत पर चर्चा, गरीब और पिछड़ों को निःशुल्क विधिक सहायता देना संविधान का मूल उद्देश्य – शिव कुमार, न्यायाधीश।
व्यवहार न्यायालय बिरौल में विधिक सेवा समिति की समीक्षा बैठक, 14 मार्च के राष्ट्रीय लोक अदालत पर चर्चा,
गरीब और पिछड़ों को निःशुल्क विधिक सहायता देना संविधान का मूल उद्देश्य – शिव कुमार, न्यायाधीश।
दस्तक7मिडिया,विधि संवाददाता, बिरौल।
अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति के कार्यों की प्रगति को लेकर समीक्षात्मक बैठक का आयोजन बिरौल व्यवहार न्यायालय के सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, अनुमंडल विधिक सेवा समिति श्री शिव कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39 ‘क’ के अनुसार गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों को निःशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराया जाता है। इस उद्देश्य से विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। न्यायालय परिसर में फ्रंट आफिस स्थापित किया गया है जहां क्षेत्र के गरीब, पिछड़े वर्ग के लोगों, महिलाएं, वृद्धजन आदि किसी भी मामले में निःशुल्क विधिक परामर्श ले सकते हैं। उन्होंने राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0 अभियान एवं 14 मार्च को होनेवाले राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर भी दिशानिर्देश दिया। वहीं अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी सह सचिव, अनुमंडल विधिक सेवा समिति प्रियांशु राज ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान एवं अन्य जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में बताते हुए कहा कि लोगों को इन कार्यक्रमों से फायदा होना चाहिए। इसके लिए अनुमंडल प्रशासन के समन्वय से कार्यक्रम का आयोजन करें और अधिक से अधिक लोगों को शामिल करें। बैठक में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बच्चे लाल झा, अधिवक्ता संघ के सचिव राजकपूर पाण्डेय, अवर निर्वाचन पदाधिकारी प्रजीव नारायण भागेश्वर, एजीपी लक्ष्मण यादव, अधिवक्ता सदस्य उत्तम चौपाल, पैनल अधिवक्तागण नूर अली खान, राकेश कुमार झा, महाकांत राय, पुरुषोत्तम झा सहित सभी पारा विधिक स्वयंसेवक मौजूद थे।