थाने की नाक के नीचे फल-फूल रहा अवैध लॉटरी का धंधा, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल, कोतवाली और नगर थाना क्षेत्र में खुलेआम चल रहा एक नम्बरी व प्रतिबंधित लॉटरी का खेल, मासिक वसूली के आरोप, वीडियो वायरल
थाने की नाक के नीचे फल-फूल रहा अवैध लॉटरी का धंधा, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल, कोतवाली और नगर थाना क्षेत्र में खुलेआम चल रहा एक नम्बरी व प्रतिबंधित लॉटरी का खेल, मासिक वसूली के आरोप, वीडियो वायरल
थाने की नाक के नीचे फल-फूल रहा अवैध लॉटरी का धंधा, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल,
कोतवाली और नगर थाना क्षेत्र में खुलेआम चल रहा एक नम्बरी व प्रतिबंधित लॉटरी का खेल, मासिक वसूली के आरोप, वीडियो वायरल
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
दरभंगा शहर में प्रतिबंधित एक नम्बरी और अन्य अवैध लॉटरी का धंधा बेखौफ तरीके से संचालित होने का आरोप सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र से लेकर नगर थाना के गुदड़ी बाज़ार तक, चौक-चौराहों, मोहल्लों और गलियों में यह अवैध खेल रोजमर्रा की गतिविधि बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दर्जनों लॉटरी धंधेबाज प्रतिदिन खुलेआम नंबर लिखते, पर्चियां काटते और पैसों का लेन-देन करते नजर आते हैं।
चिंताजनक बात यह है कि इस अवैध खेल में नाबालिगों से लेकर हर उम्र के लोग शामिल हो रहे हैं। कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच लोगों को इस जुए के दलदल में धकेल रहा है, जिससे कई परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं। मजदूर और युवा वर्ग में इसकी लत तेजी से फैल रही है, जिसके चलते घरेलू कलह, कर्ज और अपराध की घटनाएं बढ़ने की बात कही जा रही है।
वायरल वीडियो में मासिक ‘नजराना’ देने का दावा, दस्तक 7 मीडिया पुष्टि नहीं करता
इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर लॉटरी धंधेबाज यह कहते नजर आ रहे हैं कि अवैध लॉटरी खेलाने के एवज में कोतवाली थाना को छह हजार रुपये मासिक दिए जाते हैं। हालांकि इस वायरल वीडियो की पुष्टि दस्तक 7 मीडिया नहीं करता है, लेकिन यदि आरोप सही हैं तो यह मामला बेहद गंभीर और जांच योग्य है।
गुदड़ी बाजार में खुलेआम दुकान सजा कर खेल, पुलिस पर मौन रहने के आरोप
नगर थाना क्षेत्र के गुदड़ी बाज़ार में डेढ़ दर्जन से अधिक अवैध लॉटरी धंधेबाजों द्वारा खुलेआम दुकान सजा कर लॉटरी खेलाने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। सूत्रों के अनुसार, इस अवैध कारोबार से हर महीने लाखों रुपये की वसूली होने की चर्चा है।
थाना के पास धंधा चलने के आरोप, पुलिस महकमे की साख पर सवाल
मामला तब और गंभीर हो जाता है जब आरोप लगते हैं कि थाना के ठीक बगल में ही यह अवैध खेल संचालित किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस की जानकारी और कथित मिलीभगत के बिना इतना बड़ा नेटवर्क चलना संभव नहीं है। एक लॉटरी धंधेबाज द्वारा कोतवाली थाना के “बड़ा बाबू” से संपर्क होने का दावा भी सामने आया है। धंधेबाज का कहना है कि सीधा संपर्क नहीं होता, बल्कि स्टाफ सुनील कुमार के माध्यम से बातचीत होती है। उसने यह भी दावा किया कि लॉटरी की टिकट दरभंगा टावर के पास से आपूर्ति होती है। हालांकि ये सभी दावे जांच का विषय हैं।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
एक ओर वरीय पुलिस अधिकारी अवैध गतिविधियों पर सख्ती की बात करते हैं और आम लोगों से साक्ष्य देने की अपील करते हैं, वहीं दूसरी ओर जब आरोप थानों और पुलिसकर्मियों तक पहुंचते हैं, तो आम नागरिक यह सवाल पूछने को मजबूर हैं कि यदि रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो कार्रवाई कौन करेगा? प्रतिबंधित लॉटरी अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक संकट बन चुकी है। ऐसे में पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
वन वे उल्लंघन में बड़ा हादसा टला ,बाल बाल बच गये बेता थानाध्यक्ष और दों सिपाही ?चालक की दादागिरी ने उड़ाये पुलिस वालों के होश ,गुस्सा ठंडा होते ही …..और इंसानियत की पाठ पढ़ाकर गाड़ी को छोड़ दिया बेता थानाध्यक्ष ?