बिरौल, बैंककर्मियों की हड़ताल से वित्तीय चक्का जाम, बैरंग लौट रहे जमाकर्ता
बिरौल, बैंककर्मियों की हड़ताल से वित्तीय चक्का जाम, बैरंग लौट रहे जमाकर्ता
बिरौल, बैंककर्मियों की हड़ताल से वित्तीय चक्का जाम, बैरंग लौट रहे जमाकर्ता
दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में मंगलवार को बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में अनुमंडल के सभी बैंकों के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके कारण बैंकिंग कार्य पूरी तरह बाधित हो गया है।सुबह जैसे ही ग्राहकों का हुजूम बैंकों पर पहुंचा, वहां लटके ताले और सन्नाटे ने सबका स्वागत किया। जमा-निकासी से लेकर आरटीजीएस (RTGS) और चेक क्लीयरेंस जैसे महत्वपूर्ण कार्य ठप होने से व्यापारियों और आम जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दूर-दराज के गांवों से आए बुजुर्ग, महिलाएं और किसान बैंक परिसर से निराश होकर वापस लौट रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि उन्हें आपातकालीन कार्यों के लिए नकदी की जरूरत थी, लेकिन हड़ताल ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अनुमंडल के प्रमुख बाजारों में नकद प्रवाह रुकने से व्यापारिक लेन-देन पर भी बुरा असर पड़ा है।
बैंककर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। हालांकि डिजिटल बैंकिंग के विकल्प खुले हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में निर्भरता फिजिकल बैंकिंग पर अधिक होने के कारण समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों में विनोद गोयल, मुकेश कुमार, उपेन्द्र गाड़ा, विनोद चौधरी, अशोक कुमार, मनीष कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि हड़ताल से व्यापारी वर्ग और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं खासकर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।