छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री को एक अखबार मे ब्यान देना पर गया उल्टा ,पार्टी का टिकट भाजपा तय करेगी या खुद पूर्व मुख्यमंत्री ?राजनांदगांव से और भी दावेदारों के नाम पर हो रही चर्चा।
छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री को एक अखबार मे ब्यान देना पर गया उल्टा ,पार्टी का टिकट भाजपा तय करेगी या खुद पूर्व मुख्यमंत्री ?राजनांदगांव से और भी दावेदारों के नाम पर हो रही चर्चा।
छतीसगढ़ के राजनांदगांव से ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हुये संजय कुमार राय की रिपोर्ट /
छतीसगढ़ का राजनांदगांव इन दिनों काफी चर्चा मे हैं। चर्चा भी क्यू ना हो जब छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री का यह ब्यान आ जाय कि मैं विधान सभा का चुनाव राजनांदगांव से ही लडूगा। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के इस ब्यान के बाद पूरा राजनांदगांव के लोग काफी आहत हुये ,और आक्रोश भरे शब्दों मे कहने लगे कि क्या भाजपा के पुराने कार्यकर्ता अब खुद तय करेंगे कि पार्टी उन्हें कहां से टिकट दें। अगर ऐसा ही हैं तो सारे विधानसभा से एक एक उम्मीदवार खुद घोषणा कर दें और पार्टी उसपर मुहर लगा दें। लोंगों का साफ कहना हैं कि यह बेवकूफी के सिवाय और कुछ नहीं हैं ,कि खुद मे यह तय कर लेना कि मैं फंला जगह से विधानसभा लड़ूँगा ? अगर ऐसा ही होता रहता तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह को भारत की राजनीति मे उभरने का मौका नहीं मिलता। छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के इस ब्यान की कड़ी निंदा स्थानीय लोंगों समेत भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने किया हैं। वरिष्ठ राजनीतिज्ञ विशेषज्ञ एवं समाजसेवी मुरारी मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के ब्यान पर घोर आपति दर्ज की हैं। उन्होंने कहा हैं कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह ने एक दैनिक अखबार के इंटरव्यू मे कह दिया कि मे राजनांदगांव से विधान सभा चुनाव लड़ूँगा। राजीव मिश्रा ने इसपर आपत्ति जताते हुये कहा कि यह ब्यान पूर्व मुख्यमंत्री को देना कहां तक उचित हैं ,जब राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ,एवं भाजपा के बड़े बड़े नेता केंद्रीय मंत्री नितिन गडकड़ी ,देवेंद्र फड़नवीस, शिवराजसिंह चौहान ,हेमंत विश्वकर्मा ,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अलावे कई कद्दावर नेता के भाग्य का फैसला पार्टी करती हैं ऐसे मे इस तरह का बयांन खेद जनक हैं और उन्हें सार्वजनिक रूप से मांफी मांगनी चाहिये। यहां के भाजपा नेता या कोई भी बड़े नेता से कुछ पूछा जाता हैं तो उनका ब्यान स्पष्ट रहता हैं कि पार्टी तय करेगी। संसदीय बैठक नहीं हुई ,कार्यकारणी की बैठक नहीं हुई ,भाजपा के दिग्गज नेताओं की बैठक नहीं हुई ऐसे मे कैसे पूर्व मुख्यमंत्री महोदय ब्यान दें दिये कि वे राजनांदगांव से चुनाब लड़ेंगे ??उन्होंने कहा कि यही ब्यान कोई और दें देता तो छीछालेदर हो जाता। उन्होंने कहा कि यह क्रियाकलाप पार्टी के सिद्यान्त पर सवाल खड़ी करता हैं।? मुरारी मिश्रा ने कहा कि राजनांदगांव से मधुसूदन यादव और नीलू शर्मा भी दावेदार हैं ?उन्होंने कहा कि राजनांदगांव मे तीसरा दावेदार बहूत ही शशक्त और प्रतिभाशाली हैं उसका नाम हैं “कमल सोनी “।उन्होंने कहा कि कमल सोनी की बहन स्व शोभा सोनी बहूत ही दबंग भाजपा नेत्री थी। दो बार वार्ड पार्षद रही ,महापौर बनी ,भाजपा के राष्ट्रीय सेल मे नेत्री थी। उनकी शादी मे भाजपा के कई दबंग नेता आयें थे। ऐसे दबंग नेत्री के भाई कमल सोनी बहूत कम दिनों मे अपना बड़ा प्रभाव राजनांदगांव मे छोड़ चुके हैं। हर एक गली मुहल्ले मे कमल सोनी उभरता हुआ नाम हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब लोंगों की चाहत हैं कि नये चेहरे को मौका दिया जाय ताकि भाजपा और भी सशक्त और मजबूत हो सके।राजनांदगांव के हर घर मे स्व शोभा सोनी के भाई कमल सोनी को लेकर चर्चा गरम हैं और लोंगों की मांग भी हैं कि इस बार कमल सोनी को भाजपा राजनांदगांव से टिकट दें।स्थानीय निवासी होने के साथ साथ वे व्यक्तित्व के भी धनी हैं।