जीविका दीदियों ने संभाली फाइलेरिया उन्मूलन की कमान, 10 फरवरी 2026 से जिले में चलेगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम
जीविका दीदियों ने संभाली फाइलेरिया उन्मूलन की कमान, 10 फरवरी 2026 से जिले में चलेगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम
जीविका दीदियों ने संभाली फाइलेरिया उन्मूलन की कमान,
10 फरवरी 2026 से जिले में चलेगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए इस बार सरकार के साथ-साथ समुदाय की भागीदारी को भी सशक्त किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले में 10 फरवरी 2026 से “सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम” की शुरुआत की जाएगी, जिसमें जीविका दीदियां अग्रणी भूमिका निभाएंगी।
इस अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक नागरिक को डीईसी, एल्बेंडाजोल एवं आइवरमेक्टिन दवा का सेवन कराना है, ताकि फाइलेरिया संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
जिला स्वास्थ्य समिति के अनुसार, इस वर्ष फाइलेरिया उन्मूलन के लिए विशेष रणनीति अपनाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जीविका संगठन, पंचायती राज प्रतिनिधि, शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका एवं आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
जीविका प्रखंड परियोजना प्रबंधक अमोद कुमार शर्मा ने बताया कि जीविका दीदियों को घर-घर जाकर लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि “जीविका दीदियां ग्रामीण समाज में विश्वास का प्रतीक हैं। उनकी भागीदारी से न केवल दवा सेवन की दर बढ़ेगी, बल्कि फाइलेरिया के प्रति जागरूकता भी तेजी से फैलेगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो लंबे समय तक शरीर में रहने पर स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर दवा का सेवन है। दवा पूरी तरह सुरक्षित है तथा चिकित्सकीय देखरेख में दी जाती है।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (डीवीबीडीसीओ) डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि दवा सेवन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य कर्मी एवं जीविका दीदियां संयुक्त रूप से घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। जिन परिवारों के सदस्य उस समय घर पर उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हें अगले दिन पुनः जाकर दवा दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “फाइलेरिया मुक्त दरभंगा का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब हर नागरिक दवा का सेवन करेगा। यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
विभागीय निर्देशानुसार चयनित प्रखंडों में शत-प्रतिशत आबादी को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। दवा वितरण को सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक प्रखंड में कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण भी कराया जा रहा है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में दरभंगा जिला लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान को नई ऊर्जा देगी और सरकारी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में सहायक होगी।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि सभी लोग पूरे परिवार के साथ दवा का सेवन कर फाइलेरिया मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करे।