बिरौल में सरस्वती पूजा को लेकर प्रशासन सख्त, नियमों के उल्लंघन पर दो पूजा समितियों का लाइसेंस रद्द

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

आगामी सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए मंगलवार को बिरौल थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता संयुक्त रूप से एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ सह एएसपी प्रभाकर तिवारी ने की। प्रशासन ने इस बार नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। बैठक के दौरान एसडीओ शशांक राज ने अनुशासनहीनता पर सख्त संदेश देते हुए बताया कि पिछले वर्ष विसर्जन जुलूस के दौरान प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करने वाली दो पूजा समितियों के लाइसेंस पर रोक लगा दी गई है।

इन समितियों ने निर्धारित रूट का उल्लंघन कर प्रतिबंधित मार्ग से जुलूस निकाला था। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ध्वनि प्रदूषण और संभावित विवादों को रोकने के लिए प्रशासन ने डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। एसडीओ ने थानाध्यक्ष चंद्रमणि को निर्देश दिया कि पूजा से पहले ही क्षेत्र में सक्रिय डीजे साउंड सिस्टम को चिह्नित कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने सरकार द्वारा जारी विसर्जन जुलूस की 23 अनिवार्य शर्तों को विस्तार से पढ़कर सुनाया। उन्होंने बताया कि हर लाइसेंसधारी समिति को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि हर समिति को कम से कम 20 वॉलिंटियर्स रखने होंगे, जिनकी सूची थाने में जमा होगी। जुलूस में किसी भी प्रकार के हथियार (तलवार, भाला आदि) ले जाने और नशे की हालत में शामिल होने पर पूर्ण रोक रहेगी।जुलूस केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट से ही गुजरेगा। किसी भी धार्मिक स्थल के पास नारेबाजी या रुकना वर्जित है।
रात के समय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी।
जुलूस के दौरान कोई भी व्यक्ति चेहरा ढक कर नहीं चलेगा और लाइसेंसधारी को वीडियोग्राफर साथ रखना होगा। एसडीओ शशांक राज, एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और पूजा समितियों से अपील की है कि वे आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में आयोजन समिति के सदस्य सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे और उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने पूर्व से विवादित स्थल भंथा में किसी भी तरह के नये कार्य न हो इसके थानाध्यक्ष चन्द्र मणि और शांति समिति के सदस्यों को आवश्यक निर्देश दिया गया है। बैठक में सीओ आदित्य शंकर, बीडीओ प्रदीप कुमार झा,पुनि सह पर्यवेक्षी पदाधिकारी अमृत लाल वर्मन, एएसआई राजीव कुमार के अलावा मुखिया, मो.कासीफ,मो.फिरोज,विनोद सहनी,चौधरी सहनी,राजीव चौधरी,हरी सहनी,रमेंद्र मंडल, मो.नूरूल, जितेंद्र सिंह, प्रदीप यादव, पृथ्वी यादव, कमरे आलम,मो.नशीर सहित कई लोग मौजूद थे। वहीं कई पूजा समिति के सदस्य बैठक से अनुपस्थित रहे।