महिला थाना कांड 182/25 की डीआईजी स्तर पर समीक्षा, पीड़िता के परिजनों ने उठाए जांच में लापरवाही के सवाल, पोक्सो की अदालत में आज कथावाचक श्रवण दास के नियमित जमानत याचिका पर होगी सुनवाई, केस डायरी जमा हुई या नहीं अदालत में होगा स्पष्ट ?
महिला थाना कांड 182/25 की डीआईजी स्तर पर समीक्षा, पीड़िता के परिजनों ने उठाए जांच में लापरवाही के सवाल, पोक्सो की अदालत में आज कथावाचक श्रवण दास के नियमित जमानत याचिका पर होगी सुनवाई, केस डायरी जमा हुई या नहीं अदालत में होगा स्पष्ट ?
महिला थाना कांड 182/25 की डीआईजी स्तर पर समीक्षा, पीड़िता के परिजनों ने उठाए जांच में लापरवाही के सवाल,
पोक्सो की अदालत में आज कथावाचक श्रवण दास के नियमित जमानत याचिका पर होगी सुनवाई, केस डायरी जमा हुई या नहीं अदालत में होगा स्पष्ट ?
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
महिला थाना में दर्ज कांड संख्या 182/25 को लेकर मिथिला क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज कुमार ने समीक्षा बैठक की। इस दौरान महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी एवं सदर एसडीपीओ उपस्थित रहे।
डीआईजी ने प्राथमिकी, न्यायालय में दर्ज बयान एवं अब तक किए गए अनुसंधान की बिंदुवार समीक्षा की और केस की प्रगति को लेकर विस्तृत जानकारी ली।
समीक्षा के दौरान पीड़िता के परिजन भी डीआईजी से मिले और उन्होंने पूरे मामले में महिला थाना पुलिस पर शुरुआती स्तर से घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इस पर डीआईजी ने कहा कि मामले की हर बिंदु पर गहनता से जांच की जा रही है।
पीड़िता की उम्र को लेकर उठे सवालों पर डीआईजी ने स्पष्ट किया कि पॉक्सो एक्ट के तहत मैट्रिक प्रमाणपत्र ही मान्य होता है, हालांकि मेडिकल जांच के माध्यम से उम्र निर्धारण हेतु पीएमसीएच के चिकित्सकों को पत्र भेजा गया है।
परिजनों ने इस दौरान मौनी बाबा की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया, जिस पर डीआईजी ने मामले की समीक्षा जारी रहने की बात कही।
इधर, आज कथावाचक श्रवण दास की नियमित सुनवाई पॉक्सो विशेष न्यायालय में होनी है। महिला थाना द्वारा केस डायरी न्यायालय में समर्पित की गई है या नहीं, इसका खुलासा अदालत में बहस के दौरान होगा। यदि केस डायरी जमा नहीं की गई हें तो अदालत पुलिस से इसकी मांग कर सकती है।