मकर संक्रांति पर मानवता की मिसाल: पूर्व पार्षद प्रमोद कुमार साह वार्ड 48 में बांटे 1050 जरूरतमंदों कंबल,जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान

दस्तक 7 मीडिया, दरभंगा/

नगर निगम के वार्ड संख्या 48 में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वार्ड 48 के पूर्व पार्षद प्रमोद कुमार साह के द्वारा पंडासराय गुमती स्थित उनके आवास पर किया गया।

इस अवसर पर कड़ाके की ठंड को देखते हुए लगभग 1050 गरीब,असहाय पुरुष एवं महिलाओं के बीच कंबल का वितरण किया गया।
कंबल वितरण कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही वार्ड के बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे। सुबह से ही जरूरतमंद लोगों की भीड़ लगी रही। ठंड के इस मौसम में कंबल पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी और राहत साफ नजर आ रही थी। खासकर बुजुर्गों,महिलाओं और गरीब परिवारों के लिए यह कंबल बहुत उपयोगी साबित हुआ। लोगों ने कहा कि ठंड के दिनों में कंबल मिल जाने से रात में सोने और दिन में रहने में काफी सहूलियत होती है।

इस दौरान उपस्थित लोगों ने पूर्व पार्षद प्रमोद कुमार साह का आभार व्यक्त किया और उनके इस सामाजिक कार्य की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि हर साल मकर संक्रांति के समय इस तरह का आयोजन होने से गरीब और असहाय लोगों को बड़ी मदद मिलती है। इस मौके पर श्री प्रमोद कुमार साह ने कहा कि हर साल की तरह इस साल भी मकर संक्रांति के अवसर पर वार्ड 48 की जनता को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है और आगे भी इसे जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड में गरीब लोगों को कंबल मिल जाने से उन्हें ठंड से राहत मिलती है और यही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे सामाजिक कार्य करने से उन्हें आत्मिक संतोष मिलता है। गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना उनके लिए पुण्य का काम है।उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि ईश्वर ने उन्हें समाज सेवा का यह अवसर दिया है। कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान वार्ड के कई गणमान्य लोग,समाजसेवी,स्थानीय नागरिक और समर्थक भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को सराहा और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से गरीब और असहाय लोगों को बड़ी राहत मिलती है। साथ ही समाज में आपसी सहयोग,भाईचारा और मानवता की भावना मजबूत होती है।