बाल विवाह रोकने को लेकर सेविकाओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित,प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल आंगनवाड़ी सेविकाएं व पदाधिकारी

दस्तक 7 मीडिया, दरभंगा/गुड्डू राज 

बहादुरपुर  स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत चल रहे 100 दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत सेविकाओं को आवश्यक जानकारी एवं जिम्मेदारियों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में सेंटर डायरेक्ट संस्था के प्रतिनिधि ने प्रशिक्षक के रूप में सेविकाओं को बाल विवाह की पहचान, रोकथाम एवं सूचना तंत्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान सेविकाओं को बताया गया कि यदि उनके पोषक क्षेत्र में कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो उसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत स्थानीय जनप्रतिनिधि अथवा संबंधित विभागीय पदाधिकारी को सूचित करना अनिवार्य है। साथ ही सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 1122 एवं 1098 पर सूचना देने की जानकारी भी दी गई।

प्रशिक्षक ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के लिए घातक है, जिससे उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास प्रभावित होता है। बाल विवाह की रोकथाम केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर सभी आंगनवाड़ी सेविकाओं को शपथ दिलाई गई कि वे अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में बाल विवाह नहीं होने देंगी तथा कहीं भी ऐसी सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को जानकारी देंगी।

कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कुमारी सरिता रानी ने सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी सेविकाएं समाज और सरकार के बीच एक मजबूत कड़ी हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी से ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं भी उपस्थित रहीं। अंत में सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।