पेपर लीक माफिया पर बिहार पुलिस का बड़ा प्रहार,

EOU ने संजीव मुखिया गैंग के कुख्यात सदस्य संजय कुमार प्रभात को पटना से दबोचा

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

आर्थिक अपराध इकाई (EOU), बिहार ने पेपर लीक रैकेट पर एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के सक्रिय और कुख्यात सदस्य संजय कुमार प्रभात को पटना के गोला रोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस संगठित नेटवर्क पर करारा प्रहार मानी जा रही है, जिसने कई राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं को प्रभावित किया था।

कुख्यात संजीव मुखिया गैंग से सीधा संबंध

जांच में पता चला है कि संजय कुमार प्रभात संजीव मुखिया पेपर लीक गैंग का सक्रिय सदस्य है। यह गैंग पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न राज्यों की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं—जैसे पुलिस भर्ती, बैंकिंग, बोर्ड परीक्षाओं और अन्य सरकारी एग्जाम—में पेपर लीक कराने के कुख्यात मामलों में शामिल रहा है।

कई राज्यों की एजेंसियों को था तलाश

EOU के अनुसार संजय कुमार प्रभात पर बिहार के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में आयोजित अनेक परीक्षाओं में पेपर लीक कराने का संदेह है और विभिन्न राज्यों की जांच एजेंसियों द्वारा इसे वांछित अपराधी घोषित किया गया था।

ED-स्तर की जांच की संभावना

EOU ने गिरफ्तारी के बाद उसके पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और संपर्कों की सूची बरामद की है, जो इस रैकेट के राष्ट्रीय नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
संभावना है कि इस पूरे गैंग की फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन को ट्रैक करने के लिए आगे चलकर Enforcement Directorate (ED) भी जांच में शामिल हो सकती है।

EOU की लगातार बड़ी कार्रवाई

EOU ने पिछले एक वर्ष में पेपर लीक से जुड़े कई मास्टरमाइंड, दलाल, टेक्निकल एक्सपर्ट और परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। संजय कुमार प्रभात की गिरफ्तारी उसी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।