लेखाकरण एवं पेंशन संबंधी अद्यतन जानकारी हेतु कार्यशाला आयोजित, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता एवं समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर
लेखाकरण एवं पेंशन संबंधी अद्यतन जानकारी हेतु कार्यशाला आयोजित, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता एवं समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर
लेखाकरण एवं पेंशन संबंधी अद्यतन जानकारी हेतु कार्यशाला आयोजित,
वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता एवं समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
प्रेक्षागृह, दरभंगा में प्रधान महालेखाकार (ले. एवं हक.), बिहार, पटना तथा प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल के संयुक्त तत्वावधान में लेखाकरण एवं पेंशन संबंधी अद्यतन जानकारी और सुधारात्मक उपायों पर केंद्रित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम “District Level Engagement by PASG (A&E) to Strengthen Accounting at the Grassroot Level” विषयांतर्गत आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान महालेखाकार संतोष कुमार एवं जिलाधिकारी कौशल कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस कार्यशाला में दरभंगा प्रमंडल के तीनों जिलों दरभंगा, समस्तीपुर एवं मधुबनी के सभी विभागीय निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, कोषागार पदाधिकारी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
लेखाकरण संबंधी प्रक्रियाओं पर विस्तृत चर्चा
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने लेखा संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं, त्रुटियों की रोकथाम तथा समयोचित वित्तीय निष्पादन सुनिश्चित करने पर गहन विचार-विमर्श किया।
सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि—
• वित्तीय अभिलेखों में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे,
• लेखा-निर्देशों का गंभीरतापूर्वक अनुपालन किया जाए,
• प्रपत्रों को निर्धारित समयसीमा के भीतर, सही रूप में प्रस्तुत किया जाए।
पेंशन प्रकरणों पर व्यापक विचार-विमर्श
कार्यशाला में बताया गया कि पेंशन मामलों में विलंब रोकना सभी पदाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पेंशन प्रकरणों को प्रधान महालेखाकार कार्यालय भेजते समय सभी आवश्यक अभिलेख, सर्विस बुक, प्रपत्रों (विशेषकर फॉर्म–4A)का पूर्ण एवं सही रूप में संलग्न होना अनिवार्य है, ताकि सेवानिवृत्त कर्मियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
प्रधान महालेखाकार श्री संतोष कुमार ने कहा “सेवानिवृत्त कर्मियों को समय पर पेंशन उपलब्ध कराना सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। पेंशन प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटाइज किया जा रहा है, जिससे सेवाएं अधिक त्वरित एवं पारदर्शी होंगी।”
उन्होंने अधिकारियों से वित्तीय प्रबंधन की समुचित जानकारी रखने, सर्विस बुक और प्रपत्रों के मिलान को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
जिलाधिकारी के मार्गदर्शन
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने कहा—
“सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी प्रशिक्षण को गंभीरता से आत्मसात करें, ताकि वित्तीय निकासी एवं लेखाकरण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। सेवानिवृत्त होने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ उपलब्ध कराना हमारी साझा जिम्मेदारी है। समयबद्ध और त्रुटिरहित कार्य ही प्रशासनिक दक्षता की पहचान है।”
विशेषज्ञों ने दिए उपयोगी सुझाव
कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखा अधिकारी अजय कुमार पोद्दार, चंद्र प्रकाश सिंह, तथा सहायक लेखा अधिकारी जितेंद्र कुमार, संजय कुमार बर्नवाल, कुंदन कुमार, पवन कुमार, नवजीत कुमार एवं जितेंद्र द्वारा क्रमवार विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
विशेषज्ञों ने लेखाकरण एवं पेंशन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने हेतु अनेक व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन आयुक्त के सचिव सत्येंद्र कुमार द्वारा किया गया।यह कार्यशाला लेखाकरण एवं पेंशन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।