थाने में किराएदारों का सत्यापन और रिकॉर्ड नहीं, सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल,थाने की लापरवाही या सुस्ती
दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /गुड्डू राज
जिले में थाना क्षेत्र में किराए पर रहने वाले लोगों का सत्यापन और वेरिफिकेशन पूरी तरह से नहीं हो रहा है। ज्ञात हुआ है कि थाने की यह लापरवाही या सुस्ती भविष्य में किसी बड़ी घटना को जन्म दे सकती है। इस सन्दर्भ में जब कोई घटना घटती है,तो पूरी जानकारी जुटाने में पुलिस को बहुत देर हो जाती है,तब तक अपराधी आसानी से बच जाते हैं और नाम-पते की वजह से सही जानकारी जुटाना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि किराएदारों का सही रिकॉर्ड थाने में होना बहुत जरूरी है। ज्ञात है कि मकान मालिक बिना किसी जांच-पड़ताल के अपने मकानों को किराए पर दे देते हैं। थाने द्वारा किरायेदारों का नाम,पता और पहचान का सत्यापन नहीं किया जाने के कारण सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है। कई बार लोग अपने नाम और पहचान बदलकर रह रहे हैं,जिससे पुलिस के लिए अपराधियों की पहचान करना और घटनाओं को रोकना मुश्किल हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किराएदारों का सत्यापन केवल नियमों की पूर्ति के लिए जरूरी नहीं है,बल्कि यह आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उचित रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन न होने की स्थिति में अपराध बढ़ने की संभावना रहती है। थाना इस मामले में गंभीरता दिखाए और किराएदारों का रिकॉर्ड समय पर अपडेट करे। इससे इलाके की सुरक्षा बेहतर होगी और लोग अपने घर और मोहल्ले में सुरक्षित महसूस करेंगे।
दरभंगा जिले में इस मामले पर नजर रखने की आवश्यकता है,ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से पहले रोका जा सके। थाने की लापरवाही और सुस्ती से सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है और इसे तुरंत सुधारने की जरूरत है।