दरभंगा पुलिस का जागरूकता अभियान: छात्र-छात्राओं को सुरक्षा, अधिकार और कानून की विस्तृत जानकारी

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दरभंगा के निर्देशन में जिले के सभी प्रमुख थानों द्वारा 05 दिसंबर 2025 को व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। घनश्यामपुर, कोतवाली, कुशेश्वरस्थान, सदर, बिरौल, मनिगाछी, लहेरियासराय, नगर, विशनपुर, मोरो, जमालपुर, हायाघाट एवं रैयाम थाना क्षेत्रों में यह अभियान बड़े पैमाने पर संचालित हुआ।

थानाध्यक्षों के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने विभिन्न विद्यालयों, कॉलेजों तथा कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित किया। महिला पुलिस पदाधिकारियों ने विशेष रूप से छात्राओं को सुरक्षा, अधिकार एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य

इस अभियान के माध्यम से युवाओं, विशेषकर छात्राओं, को उनकी सुरक्षा और अधिकारों से अवगत कराया गया। पुलिस की प्राथमिक कोशिश उन्हें सामाजिक और कानूनी रूप से जागरूक बनाना था, ताकि वे किसी भी समस्या की स्थिति में बेझिझक सही कदम उठा सकें।

अभियान के प्रमुख बिंदु

1. महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा

• महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को आत्मरक्षा, सुरक्षा उपायों और उपलब्ध सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी दी।
• महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।

2. सामाजिक व कानूनी सशक्तिकरण

दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और बाल विवाह जैसे मुद्दों से जुड़े कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया गया।
जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता कैसे प्राप्त करें, इसकी प्रक्रिया भी समझाई गई।

 साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया अपराधों पर जागरूकता

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के सुझाव दिए गए।
ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर बुलिंग, फेक प्रोफ़ाइल आदि से बचाव के उपाय बताए गए।

4. महिला हेल्पलाइन और आपातकालीन सेवाएं

महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाओं की भूमिका और उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।

5. बच्चों के लिए सड़क सुरक्षा
विद्यालयों में छोटे बच्चों को सड़क पार करने के नियम, ट्रैफिक संकेत, हेलमेट व सीट बेल्ट के महत्व जैसे बुनियादी रोड सेफ्टी नियमों से अवगत कराया गया।

पुलिस–जनसंवाद को मिला सकारात्मक प्रतिसाद

इन जागरूकता कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की भागीदारी देखने को मिली। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे, ताकि समाज में सुरक्षा, जागरूकता और विश्वास का वातावरण मजबूत हो सके।