दरभंगा के बिरौल में तीन दिवसीय ‘इज्तिमा’ का भव्य आगाज,देशभर से जुट रहे हैं धर्मगुरु और अकीदतमंद
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
ज्ञान और भक्ति का संगम, मुस्लिम समुदाय का तीन दिवसीय इज्तिमा (धार्मिक समागम) शुक्रवार, 5 दिसंबर को दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र स्थित रेलवे स्टेशन रोड के निकट एक विशाल परिसर में भव्यता के साथ शुरू हो गया है। जुम्मे की नमाज के साथ ही इस आध्यात्मिक समागम का विधिवत शुभारंभ हुआ। यह धार्मिक समागम 7 दिसंबर की संध्या में सामूहिक दुआ के साथ संपन्न होगा।
आध्यात्मिक शांति और एकता का संदेश-
इस तीन दिवसीय इज्तिमा को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। आयोजकों ने बताया कि इस समागम में शामिल होने के लिए बिहार के अलावा देश के दर्जनों शहरों से प्रतिष्ठित मौलाना और धर्मगुरु पहुंच रहे हैं। हजारों की संख्या में अकीदतमंद (श्रद्धालु) इन धर्मगुरुओं के आध्यात्मिक तकरीर (प्रवचन )सुनने और इज्तिमा में भाग लेने के लिए बिरौल पहुंचना शुरू कर चुके हैं।
बेहतरीन व्यवस्था और सुविधाएं-
आयोजन कमेटी ने यह सुनिश्चित किया है कि मुस्लिम समुदाय के जो लोग बड़ी संख्या में इस समागम में शामिल होंगे, उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके लिए जगह जगह पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
व्यावसायिक केंद्र-
बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों से आए लगभग एक हजार से अधिक व्यवसायियों ने विभिन्न प्रकार की दुकानें सजाई हैं, जिससे यह स्थल एक अस्थायी बाजार में तब्दील हो गया है।
स्वास्थ्य सुविधा-
आकस्मिक सेवाओं के लिए परिसर में दो अस्थाई स्वास्थ्य कैंप स्थापित किया गया है।
बुनियादी सुविधाएं-
आगंतुकों की सुविधा के लिए सैकड़ों की संख्या में शौचालयों और पेयजल, पार्किंग की बेहतरीन व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा और व्यवस्था में वॉलेंटियर का योगदान-
सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी कड़े प्रबंध किए गए हैं। आयोजक कमेटी ने चार सौ से अधिक वॉलेंटियर को शहीद भगत सिंह स्मारक चौक से लेकर कार्यक्रम स्थल तक तैनात किया है। ये वॉलेंटियर दूर-दराज से आए आगंतुकों को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिससे समागम स्थल तक पहुंचने में किसी को भी कोई दिक्कत न हो।
