जिलाधिकारी की सख्ती: विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को फटकार, समयबद्ध काम पूरा करने का निर्देश
जिलाधिकारी की सख्ती: विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को फटकार, समयबद्ध काम पूरा करने का निर्देश
जिलाधिकारी की सख्ती: विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को फटकार, समयबद्ध काम पूरा करने का निर्देश
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
समाहरणालय परिसर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकरियों की महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने एक-एक विभाग की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और धीमी गति वाले प्रखंडों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करना अनिवार्य है—लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकारी मोबाइल ऑन रखें, कार्यालय समय पर आएँ—डीएम का कड़ा निर्देश
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि
• सरकारी मोबाइल फोन हर समय ऑन रखें,
• समय पर कार्यालय पहुँचे,
• तथा विभागीय कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करें।
धीमी प्रगति वाले प्रखंडों पर कार्रवाई के संकेत
कई विकास योजनाओं में लक्ष्य से कम प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। संबंधित प्रखंडों को चेतावनी भरे लहजे में कहा गया कि समय सीमा के भीतर काम पूरा न होने पर कार्रवाई तय है।
पंचायत स्तर पर योजना चयन में पारदर्शिता का आदेश
जिलाधिकारी ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि
• पंचायतों में शेष आवंटन के अनुसार योजनाएँ चयनित हों,
• जिन योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, उनका भुगतान तुरंत सुनिश्चित करें,
• और ऐसी योजनाएँ चुनी जाएँ जिनसे जनता को अधिकतम लाभ मिले।
आंगनबाड़ी केंद्रों का सत्यापन और नई इमारतों के लिए जमीन चिन्हित करने का निर्देश
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि—
• सभी सीडीपीओ पंचायतों में केंद्र निर्माण हेतु सरकारी जमीन चिन्हित करें।
• सभी अंचल अधिकारी जमीन का भौतिक सत्यापन करें।
• जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची बनाकर भेजी जाए।
• प्रखंड विकास पदाधिकारी और पंचायती राज पदाधिकारी जर्जर भवनों के लिए बजट प्रस्ताव तैयार करें।
पंचायत सरकार भवन निर्माण पर गहन समीक्षा
जिले में
• 126 भवन निर्माणाधीन हैं
• जबकि 22 पूर्ण हो चुके हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि
• सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी निर्माणाधीन भवनों का स्थलीय निरीक्षण करें,
• जहाँ एनओसी लंबित है वहां शीघ्र एनओसी उपलब्ध कराएँ,
• और जिला स्तरीय जाँच जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाए।
सोलर लाइट, राजस्व कार्य और अतिक्रमण पर भी कड़ा रुख
• पंचायतों में लगी सोलर लाइटें चालू हैं या नहीं, इसकी जाँच कर सूची उपलब्ध कराई जाए।
• अंचल अधिकारियों से म्यूटेशन, सीमांकन, अतिक्रमण हटाओ अभियान, राजस्व वसूली की समीक्षा की गई।
• लंबित जमाबंदी, परिमार्जन और अन्य आवेदनों को अगली बैठक से पहले निष्पादन करने का आदेश दिया गया।
साथ ही, चार महीने के भीतर मौजा-वार कैंप आयोजित कर राजस्व कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया गया।
आमजन के कार्यों में तेजी व पारदर्शिता अनिवार्य
जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि
• राजस्व से जुड़े आम जनता के कार्यों को तेजी और पारदर्शिता के साथ निपटाया जाए।
• समग्र सेवा अभियान के तहत वासगीत के आवेदनों का समय पर निष्पादन करें।
• किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फील्ड विजिट बढ़ाएँ, गुणवत्ता पर समझौता नहीं—डीएम
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा—
• सभी अधिकारी फील्ड विजिट बढ़ाएँ,
• विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण नियमित रूप से करें,
• और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस चांदनी सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी सुरेश कुमार सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।