दरभंगा एम्स तक सुगम कनेक्टिविटी के लिए डीएम की महत्वपूर्ण बैठक, शोभन-एकमीघाट फोरलेन प्रोजेक्ट में तेजी

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

दरभंगा जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में शोभन-एकमीघाट पथ के माध्यम से एम्स दरभंगा को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मार्ग-रेखन (Alignment) में आवश्यक परिवर्तनों, भू-अर्जन, एवं सड़क निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, सहायक अभियंता, एवं परामर्शी संस्था Arch-Aid Architects & Engineers Pvt. Ltd. के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

फोरलेन निर्माण की निविदा प्रक्रिया पूरी, संवेदक का चयन

कार्यपालक अभियंता ने बताया कि शोभन-एकमीघाट पथ को 2-लेन से 4-लेन में परिवर्तित करने के लिए निविदा प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और संवेदक का चयन हो चुका है। कुल 10 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में 1 किलोमीटर का फोरलेन पहुँच पथ एम्स तक बनाया जाएगा।

भू-अर्जन कार्य में तेजी के निर्देश

जिलाधिकारी ने भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके।

शोभन चौक के पास 400 मीटर Alignment में बदलाव क्यों?

अधिकारियों ने बताया कि शोभन चौक पर यह पथ एनएच-27 से 90° कोण पर मिलता है, जो तकनीकी और सुरक्षा मानकों के अनुसार उपयुक्त नहीं है।
यातायात सुरक्षा, डिज़ाइन स्पीड और सुगमता को ध्यान में रखते हुए लगभग 400 मीटर मार्ग-रेखन बदला गया है, ताकि जंक्शन सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके।

इसके अलावा, शोभन से मकिया तक खिरोई नदी के पश्चिमी तटबंध पर सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। दोनों सड़कों का जंक्शन शोभन चौक पर पड़ने के कारण वहाँ का विकास तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि एनएच-27 पर HL RCC ब्रिज भी मौजूद है।

एम्स के पास 800 मीटर Elevated Road की जरूरत

प्रस्तावित फोरलेन पथ पर एम्स के पास भविष्य में बढ़ते यातायात को देखते हुए लगभग 800 मीटर एलिवेटेड रोड की आवश्यकता बताई गई है।
डीएम ने कार्यपालक अभियंता को इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजने का निर्देश दिया।

किन जिलों को मिलेगा लाभ?

इस पथ के बन जाने से निम्न जिलों के लोगों को एम्स तक पहुँचना आसान होगा :
• समस्तीपुर
• मुजफ्फरपुर
• मधुबनी
• सहरसा
• सुपौल
• पूर्णिया
आदि जिले।

साथ ही, एम्स मार्ग पर दबाव कम होने से दरभंगा शहर के जाम से भी राहत मिलेगी।