बिहार के सीतामढ़ी रेलवे जंक्शन में शुक्रवार (28 नवंबर 2025) को दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने पूरे परिसर में हड़कंप मचा दिया। आग की तेज़ लपटें और भारी धुआं उठते ही स्टेशन पर मौजूद यात्री डरकर इधर-उधर भागने लगे। अचानक मची भगदड़ में कई लोग गिरकर घायल भी हो गए।

फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू किया। फिलहाल आग से नुकसान का विवरण सामने नहीं आया है। रेलवे प्रशासन ने भी आधिकारिक बयान अभी जारी नहीं किया है।

कैसे शुरू हुई आग? पाइपों के ढेर से उठी लपटें

स्थानीय लोगों के अनुसार, स्टेशन परिसर में रेलवे के नवनिर्माण कार्य के कारण बड़ी संख्या में प्लास्टिक के पाइप रखे हुए थे। इन्हीं पाइपों में अचानक आग भड़क गई, जिससे मिनटों में लपटें आसमान छूने लगीं।धधकते प्लास्टिक से निकलने वाला काला धुआं दूर से ही दिखाई दे रहा था। कई यात्रियों ने कहा कि स्टेशन पर इतनी भयानक आग उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।

फायर ब्रिगेड को करनी पड़ी कड़ी मशक्कत

पहले मौके पर छोटी फायर ब्रिगेड गाड़ियां पहुंची, लेकिन ऊंची लपटों पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इसके बाद बड़ी अग्निशमन गाड़ियां बुलाई गईं और लंबे प्रयास के बाद आग शांत की गई।गंभीर बात यह है कि स्टेशन पर मौजूद अग्निशमन यंत्र बेकार साबित हुए, जिससे शुरुआती प्रयास विफल रहा और आग तेजी से फैलती चली गई।

यात्रियों में अफरातफरी

आग लगते ही स्टेशन परिसर में मौजूद लोग घबराए हुए दिखे। कई यात्री ट्रेन छोड़कर भागने लगे, बच्चे और महिलाएं मदद के लिए चिल्लाने लगीं।कुछ लोगों को धुएं की वजह से सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई, हालांकि किसी गंभीर चोट की खबर नहीं मिली है।

आग के कारणों की जांच जारी

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी ने परिसर का मुआयना किया है। शुरुआती जांच के अनुसार, शॉर्ट-सर्किट या किसी बाहरी तत्व की वजह से आग लगी हो सकती है, लेकिन अंतिम कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।