26 नवंबर को नशा मुक्ति दिवस पर डीआरडीए सभागार में जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य शराबबंदी एवं नशा मुक्ति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और स्वच्छ वातावरण स्थापित करना था। इस दौरान मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से पटना में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम का वीडियो लाइव कराया गया। कार्यक्रम में डीएम अनिल कुमार ने नशा मुक्त समाज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा केवल स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाती है बल्कि यह परिवार, समाज और पीढ़ियों पर भी गंभीर दुष्प्रभाव छोड़ता है।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे नशा मुक्ति अभियान से जुड़कर एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग दें। जिला पदाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को नशा से दूर रहने एवं दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में जीविका दीदी, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी-कर्मी, शिक्षित युवा तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। सभी ने नशा मुक्त समाज की दिशा में अपने स्तर से योगदान देने का संकल्प लिया। इस दौरान जन-जागरूकता को प्रभावी बनाने के लिए नुक्कड़-नाटक दल ने गीत-संगीत और लघु नाटकों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को लेकर सशक्त संदेश देने की कोशिश की।