सुपौल के किशनपुर प्रखंड के मेहासिमर में पंचायत रोजगार सेवक (पीआरएस) शैलेन्द्र कुमार के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।

घटना 24 नवंबर को तब हुई जब शैलेन्द्र कुमार ई-केवाईसी कार्य में जुटे हुए थे। इस संबंध में पंचायत रोजगार सेवक संघ ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

अब तक मामले में एफआईआर नहीं हुई दर्ज , न ही आरोपी की गिरफ्तारी

संघ के अध्यक्ष पंकज प्रसाद ने अपने आवेदन में बताया कि मारपीट के दौरान शैलेन्द्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्होंने किशनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया।

लेकिन अब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। और न ही आरोपी मुखिया के पति संजय कुमार की गिरफ्तारी हो सकी है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संजय कुमार का पूर्व में भी कई कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट का इतिहास रहा है। पहले भी पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद ही उसकी गिरफ्तारी संभव हो पाई थी।

आरोपी ने दी खुलेआम धमकी, विरोध पड़ेगा भारी

इस बार आरोपी के द्वारा खुलेआम धमकी दी जा रही है कि कोई कर्मचारी उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकता और यदि विरोध किया गया तो हत्या तक की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संघ ने कहा कि यदि वरीय अधिकारियों की ओर से कड़ी और समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो आरोपी जैसे मनबढ़ लोगों का मनोबल और बढ़ेगा, जिससे अन्य कर्मचारी भी असुरक्षित महसूस करेंगे।

पंचायत रोजगार सेवक संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो जिले के सभी पंचायत रोजगार सेवक कार्य करने में असमर्थ हो जाएंगे।

संघ ने यह भी बताया कि विधान सभा चुनाव के बाद से सुपौल जिला ई-केवाईसी कार्य में राज्य में छठवें स्थान पर है और पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित जिलों में पहले स्थान पर है। ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।