किशनगंज में एक चिटफंड कंपनी 1500 महिलाओं से करोड़ों रुपए की ठगी कर फरार हो गई है। मंगलवार को कंपनी का कार्यालय बंद मिलने पर नाराज महिलाओं ने जमकर हंगामा किया और सड़क जाम कर दी। यह मामला शहर के हलीमचौक स्थित पावर ग्रिड के सामने ‘शुभारंभ चिटफंड कंपनी’ से जुड़ा है।

पीड़ितों ने बताया कि कंपनी ने उन्हें डेढ़ लाख रुपए का ऋण देने का वादा किया था, जिसके लिए प्रत्येक महिला से 5-5 हजार रुपए जमा कराए गए थे।

मंगलवार को जब महिलाएं कंपनी के कार्यालय पहुंचीं, तो उन्हें ताला बंद मिला। इसके बाद उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कार्यालय पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। कुछ देर के लिए किशनगंज-बहादुरगंज मुख्य सड़क को भी जाम कर दिया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गया ।

गुस्से में ईंट से गेट पर हमला कर महिलाएं।

कार्यालय के बाहर महिलाओं की भीड़।
कंपनी का एजेंट धोखा देकर फरार

पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्होंने स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण लेने की योजना बनाई थी, लेकिन कंपनी के एजेंट उन्हें धोखा देकर फरार हो गए। कई महिलाओं ने 40 हजार से 50 हजार रुपए तक जमा कराए थे।

हंगामे की सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर सड़क जाम खुलवाया और यातायात बहाल कराया। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि आवेदन मिलने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने लोन लेकर स्वरोजगार करने का सोचा था लेकिन कंपनी के एजेंट सभी को चुना लगाकर फरार हो गए। महिलाओं ने बताया कि वे ग्रुप बनाकर पैसा जमा की थी। किसी ग्रुप ने 40 हजार तो किसी ने 50 हजार रुपए जमा करवाए थे।

3 दिन में डेढ़ लाख देने का किया था वादा

स्थानीय मुखिया सफी ने बताया कि एक फर्जी कंपनी ने लगभग 1500 से अधिक लोगों, खासकर महिलाओं को ठग लिया है। ठगों ने महिलाओं को लालच दिया कि यदि वे 5000 रुपए जमा करेंगी, तो मात्र 3 दिन के अंदर उन्हें डेढ़ लाख रुपए मिल जाएंगे।

इस प्रलोभन में आकर महिलाएं छोटे-छोटे गांवों और कस्बों में जाकर लोगों से पैसे इकट्ठा करने लगीं। कंपनी ने हलीम चौक स्थित एक किराए के मकान को बैंक की तरह सजाया हुआ था और वहीं से यह धंधा चलाया जा रहा था। लगभग 1500 से अधिक लोगों से पैसे जमा करने के बाद कंपनी के 7-8 कर्मचारी अचानक मौके से फरार हो गए।

दलाल ने लोन दिलाने का किया था वादा

महिला परवीन बेगम ने बताया कि हम किसी काम से ब्लॉक गए थे। तभी एक दलाल आया और उसने कहा, “दीदी, आपको लोन चाहिए?” हमने कहा, “हां, हमें लोन की जरूरत है।” इसके बाद दलाल ने मेरा नंबर ले लिया और एक कार्ड देकर चला गया।

घर पहुंचकर मैंने उस कार्ड पर दिए नंबर पर कॉल किया। थोड़ी देर बाद वहीं दलाल मेरे घर आ गया। उसने मुझसे बिजली का बिल, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड जैसे दस्तावेज ले लिए। फिर बोला, “आप शनिवार को सुबह 10 बजे हलीम चौक स्थित बैंक में आ जाना।”

शनिवार को मैं बैंक पहुंची। वहां उसने कुछ कागजात पर मेरे साइन करवा लिए। साइन कराने के बाद उसने कहा, “अब आपको 5000 रुपए देने होंगे, तभी आपका अकाउंट खुलेगा और मंगलवार सुबह आप बैंक से अपना पैसा निकाल लेंगी।”

मंगलवार को जब मैंने कॉल किया तो उसने फोन नहीं उठाया। उस ऑफिस में 7-8 लोग थे और सब बैंक जैसे ही काम कर रहे थे। उसने कहा था, “टेंशन मत लो, ये हमारा नया ग्रुप है, पर्सनल ग्रुप है। लोन मिलने के बाद आपको सिर्फ 7300 रुपए जमा करने होंगे।”